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15 नवंबर से शुरू होगा जयपुर, जोधपुर और कोटा में वार्डों के पुर्नगठन का कार्य

Lovely Wadhwa | News18 Rajasthan
Updated: November 9, 2019, 3:19 PM IST
15 नवंबर से शुरू होगा जयपुर, जोधपुर और कोटा में वार्डों के पुर्नगठन का कार्य
वार्डों के गठन इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि एक ही मकान दो वार्डों में विभाजित ना हो जाए. स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल. फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

राजधानी जयपुर (Jaipur), कोटा (Kota) और जोधपुर (Jodhpur) में नवगठित सभी नगर निगमों (Municipal corporations) में वार्डों के पुनः सीमांकन एवं पुर्नगठन (Demarcation and reorganization) का कार्य 15 नवंबर से प्रारंभ होगा. स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल (Shanti Dhariwal) ने कार्यक्रम को स्वीकृति प्रदान कर दी है.

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जयपुर. राजधानी जयपुर (Jaipur), कोटा (Kota) और जोधपुर (Jodhpur) में नवगठित सभी नगर निगमों (Municipal corporations) में वार्डों के पुनः सीमांकन एवं पुर्नगठन (Demarcation and reorganization) का कार्य 15 नवंबर से प्रारंभ होगा. स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल (Shanti Dhariwal) ने कार्यक्रम को स्वीकृति प्रदान कर दी है. स्वायत्त शासन विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 15 नवंबर से 13 जनवरी, 2020 तक आयुक्तों (Commissioners) को वार्डों के पुर्नसीमांकन के प्रस्ताव तैयार कर इनका प्रकाशन करना होगा.

यह तय किया गया है कार्यक्रम
15 जनवरी, 2020 से 13 फरवरी, 2020 तक पुनः सीमांकन के प्रस्तावों पर आपत्ति आमंत्रित कर उन्हें प्राप्त करना होगा. उसके बाद आपत्तियों का निस्तारण और प्रस्तावों का अनुमोदन कर 02 मार्च, 2020 से 31 मार्च, 2020 तक इस कार्य को पूरा किया जाएगा. स्वायत्त शासन विभाग की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि वार्ड निर्धारित सीटों के अनुरूप होंगे. यह जरूरी नहीं है कि सभी वार्डो की जनसंख्या का अनुपात समान हो. वार्डों के समायोजन के लिए आनुपातिक सीमा से जनसंख्या 10 प्रतिशत अधिक अथवा 10 प्रतिशत कम हो सकती है.

इस गाइड लाइन को करना होगा फॉलो

वार्डों के पुर्नगठन में किसी भी परिस्थिति में सीमा का उल्लंघन नहीं किया जाएगा. वार्डों की सीमाएं जहां तक संभव हो सड़क या गली के आधार पर निर्धारित की जाए. यदि इससे वार्ड का अनुपात बिगड़ता हो तो वार्ड रेखा काल्पनिक भी रखी जा सकती है. वार्डों को बनाते समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी क्षेत्र वार्ड में से छूट न जाए. वार्डों को इस प्रकार बनाया जाए कि वार्ड लंबे और सड़कनुमा नहीं हों. वार्डों के गठन इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि एक ही मकान दो वार्डों में विभाजित ना हो जाए. बड़े शहरों में विधानसभा बाउण्ड्री को न तोड़ा जाए. दो विधानसभा क्षेत्रों के बाउण्ड्री का एक वार्ड न बनाया जाए. उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने हाल ही में जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों को दो-दो निगमों में बांट दिया है.

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First published: November 9, 2019, 3:14 PM IST
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