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नारायण सेवा संस्थान ने अफ्रीका में 572 दिव्यांग लोगों की पहचान करते हुए उनकी सहायता के लिए बढ़ाया हाथ
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News18Hindi
Updated: March 27, 2020, 2:43 PM IST
नारायण सेवा संस्थान ने अफ्रीका में 572 दिव्यांग लोगों की पहचान करते हुए उनकी सहायता के लिए बढ़ाया हाथ
दिव्यांगों की मदद के लिए आगे आ रहे सामाजिक संस्‍थान.

डरबन में तीन दिनों तक आयोजित शिविर के दौरान, एनएसएस टीम ने ओपीडी के लिए 202 रोगियों की पहचान की और कृत्रिम अंगों और कैलिपर वितरण के लिए 116 रोगियों का माप लिया गया.

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  • Last Updated: March 27, 2020, 2:43 PM IST
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जयपुर. दिव्यांग लोगों के कल्याण और उनकी बेहतरी के काम में जुटे नारायण सेवा संस्थान (एनएसएस) ने हाल ही अफ्रीका महाद्वीप में एक दौरे का आयोजन किया, ताकि इन क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगों को सपोर्ट करते हुए उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास किया जा सके. इस दौरे में 23 फरवरी से 8 मार्च 2020 के दौरान अनेक स्थानों पर शिविर आयोजित किए गए.

इस दौरान नारायण सेवा संस्थान ने कृत्रिम अंगों और कैलिपर्स के निदान और वितरण शिविरों का आयोजन किया. दक्षिण अफ्रीका में लेनशिया, डरबन और केन्या में मेरू और नैरोबी में ऐसे ही शिविरों का आयोजन किया गया. नारायण सेवा संस्थान दिव्यांग लोगों को आम लोगों के समान अवसर प्रदान करने और उन्हें मुख्यधारा के समाज में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है.

डरबन में तीन दिनों तक आयोजित शिविर के दौरान, एनएसएस टीम ने ओपीडी के लिए 202 रोगियों की पहचान की और कृत्रिम अंगों और कैलिपर वितरण के लिए 116 रोगियों का माप लिया गया. एनएसएस ने पहले से निदान किए गए 36 कृत्रिम अंगों को दिव्यांग लोगों को वितरित किया और 116 और लोगों को जल्द ही कृत्रिम अंग प्रदान करने के बारे में जानकारी दी. लेनशिया दक्षिण अफ्रीका शिविर में एनएसएस की टीम ने कृत्रिम अंगों की माप के लिए 44 रोगियों की पहचान की और पहले से पहचान किए गए 15 लोगों को कृत्रिम अंग और 7 लोगों को कैलिपर प्रदान किए गए.

केन्या में मेरू कैंप में ओपीडी मंे आने वाले 326 लोगों में से 165 लोगों की पहचान और स्क्रीनिंग कृत्रिम अंगों और कैलिपर्स के लिए की गई. इसी तरह, एनएसएस ने नैरोबी, केन्या में रहने वाले वंचित वर्ग के लोगों को 54 कृत्रिम अंग और 47 कैलिपर्स प्रदान किए गए.



नारायण सेवा संस्थान की इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए संस्थान के अध्यक्ष श्री प्रशांत अग्रवाल ने कहा, ‘‘वंचित और दिव्यांग लोगों को अक्सर किफायती और कुशल स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच नहीं मिलती है, और उन्हें समान और समावेशी अवसर भी हासिल नहीं हो पाते हैं. उनकी शारीरिक कमजोरी उनके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बनाने और खुद के लिए बेहतर आजीविका सुरक्षित करने के लिए एक बाधा के रूप में कार्य करती है. हमारा लक्ष्य इस सीमा को जड़ से मिटाना है और ऐसे लोगों को बेहतर जीवन जीने में सक्षम बनाना है.‘‘

एनएसएस ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ऐसी अनेक लक्षित गतिविधियों की शुरुआत की है, जैसे कि मुफ्त सुधारात्मक सर्जरी प्रदान करना, व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों का आयोजन, माप और वितरण शिविर, दिव्यांग टैलेंट शो, सामूहिक विवाह समारोह और आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए स्मार्ट स्कूल इत्यादि.

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First published: March 23, 2020, 6:27 AM IST
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