सरकारी प्रबंध पर भारी पड़ रहा देशी इंतजाम, टिड्डियों को भगाने के लिए किसान बजा रहे थाली

टिड्डी दल से निजात पाने के लिए देशी इंतजामों का सहारा लिया जा रहा है. काश्तकारों ने बताया कि वे अपने खेतों में थालियां सहित आवाज करने वाले अन्‍य यंत्रों को बजाकर टिड्डियों को भगाने का प्रयास कर रहे हैं.

Sikandar Sheikh | News18 Rajasthan
Updated: August 1, 2019, 12:53 PM IST
Sikandar Sheikh | News18 Rajasthan
Updated: August 1, 2019, 12:53 PM IST
जैसलमेर के लाठी क्षेत्र में डेढ़ महीने से टिड्डी दलों ने डेरा जमा रखा है. टिड्डियां खेत में लगी फसल और वनस्पति को चट कर रही है, जिससे क्षेत्र के किसान चिंतित हैं. हालात से निपटने के लिए काश्तकारों के ठेठ देशी इंतजामों के आगे प्रशासन के भारी-भरकम प्रबंध नाकाम नजर आ रहे हैं. अब इनको भगाने के लिए ग्रामीणों ने एक अनूठी पहल शुरू की है. काश्तकार अपने खेतों में थालियां सहित अन्य ध्वनि करने वाले यंत्रों को बजाकर टिड्डियों को भगाने की कोशिश कर रहे हैं. उनके इस प्रयोग से की चर्चा हर ओर हो रही है.

जैसलमेर के लाठी क्षेत्र में पिछले डेढ़ महीने से टिड्डियों का आतंक जारी है. बता दें कि डेढ़ माह पहले से भादरिया, टावरी का वाला, फिल्ड फायरिंग रेंज क्षेत्र में बड़ी संख्या में टिड्डी दलों ने अपना पड़ाव डाल रखा है. जिसे लगातार कीटनाशक का छिड़काव कर इस पर नियंत्रण पाने की कोशिश की जा रही है. इसके बावजूद बड़ी संख्या में टिड्डी दल डेरा डाले हुए हैं. वहीं, मंगलवार को धोलिया गांव के पास भी बड़ी संख्या में टिड्डी दल अपना पड़ाव डाला दिया है, जिससे ग्रामीण और किसानों में हड़कंप मचा हुआ है. धोलिया गांव के किसान मांगीलाल खेताणी, राधेश्याम पेमाणी, बाबुराम विश्नोई, श्रवण विश्नोई ने बताया कि टिड्डी दल को रोकने के लिए प्रशासन के भारी भरकम प्रबंध नाकाम नजर आ रहे हैं. जिस पर अब टिड्डी दल से निजात पाने के लिए देशी इंतजामों का सहारा लिया जा है. उन्होंने बताया कि वे अपने खेतों में थालियां सहित अन्य ध्वनी करने वाले यंत्रों को बजाकर टिड्डियों को भगाने का प्रयास कर रहे हैं.

 टिड्डी दल को रोकने के लिए प्रशासन के भारी भरकम प्रबंध नाकाम नजर आ रहे हैं.-To stop the grasshopper, the administration's massive management is being failed.
टिड्डी दल को रोकने के लिए प्रशासन के भारी भरकम प्रबंध नाकाम नजर आ रहे हैं.


टिड्डियों पर नियंत्रण पाने के लिए किया जा रहा है कीटनाशक का छिड़काव

टिड्डी प्रतिरक्षा एवं नियंत्रण विभाग और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक पखवाड़े तक लाठी, भादरिया, फिल्ड फायरिंग रेंज, सोढ़ाकोर, सोजिया की ढाणी क्षेत्र में टिड्डियों पर नियंत्रण किया गया. फिर भी कई जगहों पर बड़ी टिड्डियों के दल अभी भी देखे जा रहे हैं. हालांकि टिड्‌डी प्रतिरक्षा एवं नियंत्रण विभाग के संयुक्त तत्वाधान में टिड्डी दल पर नियंत्रण करने के लिए ग्यारहवें दिन भी कीटनाशक का छिड़काव किया गया. लाठी, धोलिया नलकूप बाहुल्य क्षेत्र है और यहां विभिन्न प्रकार की फसलों की बुवाई चल रही है. ऐसे में टिड्डी दल के आ जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है.

आगामी दिनों में मानसून की बारिश को देखते हुए किसानों की चिंता बढ़ गई है. टिड्डी दल की संख्या अधिक होने की स्थिति में नियंत्रण के प्रयास नाकाफी नजर आ रहे हैं.-To stop the grasshopper, the administration's massive management is being failed.
आगामी दिनों में मानसून की बारिश को देखते हुए किसानों की चिंता बढ़ गई है. टिड्डी दल की संख्या अधिक होने की स्थिति में नियंत्रण के प्रयास नाकाफी नजर आ रहे हैं.


टिड्डियां फसलों को पहुंचा रही नुकसान
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उधर, रत्न कि बस्सी, गंगाराम कि ढाणी गांव में पिछले दो-तीन दिनों से बड़ी संख्या में टिड्डी दल सक्रिय है. आगामी दिनों में मानसून की बारिश को देखते हुए किसानों की चिंता बढ़ गई है. टिड्डी दल की संख्या अधिक होने की स्थिति में नियंत्रण के प्रयास नाकाफी नजर आ रहे हैं. यहां बड़ी संख्या में टिड्डी दल फसल, घास और वनस्पतियों को चट कर रहे हैं. ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी है. हालांकि प्रशासन अपने प्रयास कर ही रहा है, मगर ग्रामीणों की टिड्डियों को भगाने की अनूठी संगीतमय प्रणाली की हर तरफ चर्चा है.

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First published: August 1, 2019, 11:06 AM IST
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