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Rajasthan: किसानों ने देसी दवा बनाकर किया था टिड्डियों का सफाया, हुनर सीखने अर्जेंटीना से आई टीम

किसानों ने देसी दवा बनाकर किया था टिड्डियों का सफाया,  हुनर सीखने अर्जेंटीना से आई टीम .

किसानों ने देसी दवा बनाकर किया था टिड्डियों का सफाया, हुनर सीखने अर्जेंटीना से आई टीम .

Rajasthan : लगातार दो साल तक सरहदी बाड़मेर-जैसलमेर समेत गुजरात और राजस्थान के कई जिलों में टिड्डियों फसलों को नुकसान पहुंचाया तो किसानों ने देसी दवा बना ली. इस दवा से टिड्डियों का सफाया हो गया. अब अर्जेंटीना की टीम किसानों द्वारा तैयार दवा के घोल के तरीके को सीखने पहुंची है.

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बाड़मेर. लगातार दो साल तक सरहदी बाड़मेर-जैसलमेर (barmer jaisalmer) समेत गुजरात और राजस्थान (Rajasthan) के कई जिलों में लाखों एकड़ जमीन पर खड़ी फसल को टिड्डियों ने चाट लिया था. टिड्डियों के हमलों पर यहां किसानों ने हिम्मत दिखाते हुए उनका जमकर मुकाबला किया था. अवधारणा थी कि टिड्डियों का खात्मा केवल रात में ही किया जा सकता है, लेकिन किसानों ने इसे बदल दिया. किसानों ने अपने हाथों से बनाए घोल का इस्तेमाल दिन और रात में करते हुए टिड्डियों का नाश कर दिया. किसानों का यही तरीका वह अब पूरा विश्व सीखने जा रहा है. अर्जेंटीना के किसानों का प्रतिनिधिमंडल बाड़मेर-जैसलमेर के किसानों के प्रयासों का बारीकी से अध्ययन करने  पहुंच रहा है.

भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे सरहदी बाड़मेर समेत राजस्थान के कई जिलों में जमकर तबाही मचाने वाली टिड्डियों ने इस बार अर्जेटीना सहित अन्य देशों में अपना कहर ढा रही हैं. यहां के किसानों ने अपने हाथों से बनाए घोल का इस्तेमाल दिन और रात करते हुए टिड्डियों को खत्म किया था. यह दल यहां के किसानों के देसी तरीकों और यहां के किसानों द्वारा देसी तरीके से बनाए गए उस घोल को भी जानने समझने की कोशिश करेगा, जो किसी भी लैब से प्रमाणित नहीं होने के बावजूद टिड्डियों के खात्मे में असरदार है.

राज्य के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी के मुताबिक बाड़मेर – जैसलमेर के किसानों ने जिस तरह से टिड्डी नियंत्रण में भूमिका निभाई उसे आज अंतरर्राष्ट्रीय स्तर अर्जेंटीना का शीर्ष मण्डल बाड़मेर देखने व सर्वे करने आ रहे हैं. यहां के किसानों ने 50 लाख से ज्यादा स्वयं के पैसे लगाकर टिड्डी को खत्म किया. किसानों ने खुद की कमाई से पाउडर बनाकर उस पाउडर से टिड्डी पर प्रयोग उनके द्वारा किए जाने वाले नुकसान को रोका. उस नतीजे को आज पूरी दुनिया देख रही है. बाड़मेर जैसलमेर के किसानों ने टिड्डी नियंत्रण पर पूरी दुनिया में उदाहरण प्रस्तुत किया है.

गौरतलब है कि बाड़मेर-जैसलमेर के किसानों के साथ मिलकर राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने टिड्डी के खिलाफ जंग लड़ते हुए किसानों के देसी जुगाड़ से हुए रेतीले धोरों से टिड्डी का खात्मा कर दिया था. अब उसी देसी जुगाड़ को सीखने के लिए अर्जेंटीना का दल भारत पहुंचा है. टिड्डी के खात्मे को लेकर बाड़मेर-जैसलमेर के किसानों शानदार कार्य किया, जिसे दुनिया देखने आ रही है.

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