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BSF के जवानों के लिए खुशखबरी, BSNL सीमावर्ती क्षेत्रों में लगाएगा नए मोबाइल टावर !

Sikandar Sheikh | News18 Rajasthan
Updated: December 12, 2019, 4:18 PM IST
BSF के जवानों के लिए खुशखबरी, BSNL सीमावर्ती क्षेत्रों में लगाएगा नए मोबाइल टावर !
सरकार की नीतियों के तहत बॉर्डर पर जवानों को दिया जाने वाला DSPTC सिस्टम करीब एक साल पहले बंद कर दिया गया है.

पश्चिमी राजस्थान (Western rajasthan) में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर (Indo-Pak International Border) पर तैनात बीएसएफ (BSF) के जवानों के लिए खुशखबरी (Good News) है. सबकुछ अगर ठीकठाक रहा तो बीएसएनएल (BSNL) सीमावर्ती क्षेत्रों (Border areas) में जल्द ही नए मोबाइल टावर लगाएगा.

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जैसलमेर. पश्चिमी राजस्थान (Western rajasthan) में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर (Indo-Pak International Border) पर तैनात बीएसएफ (BSF) के जवानों के लिए खुशखबरी (Good News) है. सबकुछ अगर ठीकठाक रहा तो बीएसएनएल (BSNL) सीमावर्ती क्षेत्रों (Border areas) में जल्द ही नए मोबाइल टावर लगाएगा. अभी मोबाइल नेटवर्क (Mobile network) के अभाव में जवानों को अपने परिजनों से बात करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

बीएसएफ और बीएसएनएल के अधिकारियों की हुई बैठक
बीएसएनएल के जिला प्रबंधक रमेशचंद्र व्यास ने बताया की सरकार की नीतियों के तहत बॉर्डर पर जवानों को दिया जाने वाला DSPTC सिस्टम बंद दिया गया है. सीमावर्ती क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की भी समस्या है. इसके कारण बॉर्डर पर तैनात जवानों को परिजनों और घरवालों से बात करने में दिक्क्त हो रही है. हाल ही में बीएसएफ के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उनसे कहा गया है कि सीमावर्ती इलाकों में वे ऐसे स्थान चिन्हित करवा दें, जहां जवान और अन्य जनसंख्या निवास करती हो. ऐसे स्थानों पर कंपनी नए टावर स्थापित करेगी, जिससे जवानो को नेटवर्क मिल सकेगा. वहीं बीएसएनएल को भी राजस्व की प्राप्ति हो सकेगी.

अभी विंग सर्विस से दिलाई जा सकती है सुविधा

जिला प्रबंधक के अनुसार जब तक मोबाइल टॉवर नहीं लगते है तब तक वैकल्पिक तौर पर बीएसएनएल की विंग सर्विस से जवानों को अपने परिवारजनों से बातचीत करने की सुविधा दिलाई जा सकती है. विंग सर्विस के तहत किसी भी नेटवर्क के वाइफाइ के जरिए सेवाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं. इसमें एक वर्चुअल नंबर जारी किया जाएगा, जिससे किसी भी बेसिक अथवा मोबाइल नेटवर्क पर बातचीत की जा सकती है. इस संबंध बीएसएफ के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है की जल्द ही विंग सेवा से संबंधित कार्रवाई पूरी करने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों के किसी एरिया में प्रयोग के तौर पर इसे शुरू किया जाएगा.

सुरक्षा कारणों से संचार साधनों में बरती जाती है सावधानी
उल्लेखनीय है कि बॉर्डर पर सुरक्षा कारणों से संचार के साधनों में अत्यधिक सावधानी बरती जाती है. पूर्व में DSPTC सिस्टम से जवान अपने परिजनों से संपर्क साधते थे, लेकिन उसे करीब एक वर्ष पूर्व बंद कर दिया गया. उसके बाद से जवानों को परिजनों से बातचीत करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.सहकारी बैंकों में 715 पदों पर भर्ती: दलाल हुए सक्रिय, अभ्यर्थी रहें सावधान

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First published: December 12, 2019, 4:14 PM IST
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