जैसलमेर: चैतन्यराज सिंह को महारावल बनने पर पाकिस्तान से आया बधाई संदेश

 मुजीब भुट्टो ने चैतन्यराज सिंह को महारावल बनने पर ये बधाई दी है.

मुजीब भुट्टो ने चैतन्यराज सिंह को महारावल बनने पर ये बधाई दी है.

दस्तूर कार्यक्रम को लेकर भुट्टो परिवार के मुजीब भुट्टो (Mujib Bhutto) ने अपने बधाई संदेश में जैसलमेर राजपरिवार के नए महारावल को शुभकामनाएं दी हैं.

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जैसलमेर. राजस्थान (Rajasthan) के जैसलमेर (Jaisalmer) में एक बड़ी खबर सामने आई है. पाकिस्तान के भुट्टो परिवार ने जैसलमेर के पूर्व राजपरिवार को बधाई दी है. भुट्टो परिवार ने ट्वीटर के माध्यम से यह बधाई संदेश दिया है. दरअसल, जैसलमेर के पूर्व राजपरिवार का पाग दस्तूर कार्यक्रम था. दस्तूर कार्यक्रम को लेकर भुट्टो परिवार के मुजीब भुट्टो (Mujib Bhutto) ने ट्वीट कर बधाई दी है.  उन्होंने कहा कि जैसलमेर राजपरिवार के नए महारावल को बधाई.

जानकारी के मुताबिक, मुजीब भुट्टो ने चैतन्यराज सिंह को महारावल बनने पर ये बधाई दी है. उन्हें यदुवंशियों की भाटी, भट्टो, भट्टी और भाटिया वंशज के ध्वजधारक बताया. वहीं, चैतन्यराज सिंह को कृष्ण वशंज कहते हुए जैसलमेर वासियों को बधाई दी है. इससे पूर्व महारावल बृजराज सिंह के निधन पर भी ट्वीट किया था. तब मुजीब भुट्टो ने निधन पर जताया था शोक. बता दें कि मुजीब भुट्टो पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के परिवार से हैं.



भाटिया भाटी वंश से ही निकले माने जाते हैं
बता दें कि बीते दिसंबर महीने में पूर्व महारावल बृजराज सिंह के निधन पर पाकिस्तान के भुट्टो परिवार ने शोक जताया था. भुट्टो परिवार के मुजीब भुट्टो ने ट्वीट कर उन्हें कृष्ण का वंशज बताया था. उन्होंने भुट्टो को राजपूतों का हेड बताते हुए कहा कि बृजराज सिंह को जैसलमेर के विकास के लिए हमेशा याद किया जाएगा. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भुट्टो परिवार से हैं. भुट्टो, भट्टी, भट्टल और भाटिया भाटी वंश से ही निकले माने जाते हैं.

वे पिछले कुछ दिनों से लीवर की बीमारी से पीड़ित थे

पूर्व महारावल बृजराज सिंह का इलाज के दौरान सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया था. वे पिछले कुछ दिनों से लीवर की बीमारी से पीड़ित थे. सोमवार को सिंह के निधन की सूचना मिलते ही जैसलमेर में शोक की लहर छा गई थी. सोशल मीडिया के जरिये लोगों ने उनको जहां श्रद्धांजलि दी वहीं उनके जीवनकाल और विकास कार्यों को याद किया. मंगलवार को अलसुबह महारावल की पार्थिव देह को दिल्ली से जैसलमेर लाया गया.
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