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जैसलमेर: कई भाषाओं में गाते हैं लोक गायक अनवर खान, सरकार नवाजेगी 'पद्मश्री' पुरस्कार से
Jaisalmer News in Hindi

Sikandar Sheikh | News18 Rajasthan
Updated: January 27, 2020, 5:26 PM IST
जैसलमेर: कई भाषाओं में गाते हैं लोक गायक अनवर खान, सरकार नवाजेगी 'पद्मश्री' पुरस्कार से
मारवाड़ी, राजस्थानी, हिन्दी, उर्दू, पंजाबी, सिन्धी भाषाओं में गाने वाले अनवर खान लोक गीत संगीत को नई उंचाइयों पर पहुंचाना चाहते हैं.

वर्ष-2020 में 'पद्मश्री' पुरस्कार (Padmashree) पाने वाली देशभर की हस्तियों की सूची में शामिल जैसलमेर (Jaisalmer) के प्रख्यात लोक कलाकर अनवर खान (Anwar Khan) का मानना है कि शास्त्रीय संगीत की आत्मा (Soul of music) लोक गीतों में बसती है.

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जैसलमेर. वर्ष-2020 में 'पद्मश्री' पुरस्कार (Padmashree) पाने वाली देशभर की हस्तियों की सूची में शामिल जैसलमेर (Jaisalmer) के प्रख्यात लोक कलाकर अनवर खान (Anwar Khan) का मानना है कि शास्त्रीय संगीत की आत्मा (Soul of music) लोक गीतों में बसती है. अनवर रागों में विश्वास नहीं रखते. अनवर कहते हैं कि राग गीतों में होता हैं. लोक गीत प्रकृति की देन हैं. हम प्रकृति (Nature) का भरपूर आनंद उठाते हैं.

गजल गायक जगजीत सिंह भी मानते थे इनकी गायकी का लोहा
अनवर खान को लोक गायक होने का गर्व है. मारवाड़ी, राजस्थानी, हिन्दी, उर्दू, पंजाबी, सिन्धी भाषाओं में गाने वाले अनवर खान लोक गीत संगीत को नई उंचाइयों पर पहुंचाना चाहते हैं. अनवर खान की गायिकी का लोहा गजल गायक जगजीत सिंह भी मानते थे. जगजीत सिंह के एलबम 'पधारो महारे देश' में मुख्य गीत का मुखड़ा अनवर खान ने गाया है. अनवर राजस्थानी तथा सूफी गायकी की मिसाल हैं. गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रेगिस्तान के इस लाल को जब 'पद्मश्री' मिलने की खबर आई तो राजस्थान के लोक कलाकार खुशी से झूम उठे हैं. अनवर खान को फूल मालाओं से लादकर उन्हें बधाइयां दे रहे हैं.

अनवर सूफी में भी लोक गीत गाते हैं

चान्दण मुल्तान और सदीक खान जैसे उस्ताद लोक गायकों के साथ रहकर अनवर खान ने लोक गीत संगीत की बारिकियां सीखी. लोक गायकी के अलावा अनवर खान बेहतरीन सूफी गायक भी हैं. जब अनवर सूफी में लोक गीत गाते हैं तो श्रोता मदमस्त हो कर झूम उठते हैं. अनवर का अपना दल हैं जिसके माध्यम से देश विदेशों में लोक गीत संगीत के कार्यक्रम करते हैं. अनवर खान के भाई बाबू खान और भतीजे रईस खान भी बेहद अच्छे गायक हैं. बाबू खान लोक वाद्य कमायचा तथा रईस खान सारंगी बजाते हैं.

आने वाली पीढ़ी के लिए चिंतित हैं अनवर खान
अनवर खान को अपनी आने वाली पीढ़ी की चिंता है. वे सरकार से मांग भी कर रहे हैं की इन बच्चों को केवल गाना बजाना ही आता है. इनके लिए संगीत के साथ-साथ स्कूल और कॉलेज की व्यवस्था भी करवाएं. इसके साथ ही बुजुर्ग कलाकारों को पेंशन से भी जोड़ें ताकि वे अपना गुजर बसर कर सकें. अल्पसंख्यक मामलात मंत्री सालेह मोहम्मद ने अनवर खान को 'पद्मश्री' अवार्ड के लिए चुने जाने पर मिलकर बधाई दी. साथ ही सरकार से इनके लिए सरकारी सहायता का भी आश्वासन दिया है. 

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First published: January 27, 2020, 5:20 PM IST
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