Jaisalmer: रेगिस्तान में जमकर बरसे बदरा, रेतीले धोरों में बही नदियां, बरसों बाद हुई 5 इंच बारिश
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Jaisalmer: रेगिस्तान में जमकर बरसे बदरा, रेतीले धोरों में बही नदियां, बरसों बाद हुई 5 इंच बारिश
जैसलमेर के गड़ी सागर तालाब में लंबे समय बाद इतना पानी आया है.

राजस्थान (Rajasthan) में थार के रेगिस्तान में बरसों बाद मॉनसून मेहरबान हुआ. जैसलमेर (Jaisalmer) रविवार रात को शुरू हुआ बारिश का दौर सोमवार शाम को थमा.

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जैसलमेर. मानसून (Monsoon) की मेहरबानी से इन दिनों राजस्थान का कोना-कोना भीग रहा है. अममून बारिश से वंचित रहने वाला पश्चिमी राजस्थान का जैसलमेर भी इस बार तर-बतर हो गया. भारत-पाकिस्तान बॉर्डर (India-Pakistan border) पर स्थित इस जिले में रविवार रात से सोमवार दोपहर तक इंद्रदेव पूरी तरह से मेहरबान रहे. इस अवधि में गोल्डन सिटी जैसलमेर में पांच इंच बारिश हुई. मौसम विभाग और स्थानीय लोगों के मुताबिक जैसलमेर ने बरसों बाद ऐसी बारिश देखी है.

मौसम विभाग के अनुसार, रविवार और सोमवार को जैसलमेर में 5 इंच बरसात दर्ज की गई है. जैसलमेर में रविवार रात को बदरा बरसने शुरू हुए थे. रातभर रुक-रुक कर बारिश होती रही. सोमवार सुबह होने के साथ ही फिर तेज बरसात शुरू हो गई. यह बाद में दोपहर तक जारी रही. मौसम विभाग के अनुसार जैसलमेर में सोमवार को 68.6 एमएम बारिश दर्ज की गई. सोमवार को जिलेभर में मानसून सक्रिय रहा. शहर के साथ ही ग्रामीण अंचलों में भी सुबह से ही रिमझिम बरसात दोपहर तक चलती रही. इससे बरसों से प्यासे धोरे ने जमकर पानी पीया.

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गड़ीसर की छतरी डूबी
बरसात के बाद किसानों के चेहरे भी खिल गए. कृषि विशेषज्ञ के मुताबिक यह बारिश फसल के लिये अमृत समान है. इस बारिश से फसलों को काफी फायदा होगा. सोमवार को जिले की सभी बरसाती नदी-नाले उफान पर रहे. जैसलमेर शहर के पीने के पानी के एकमात्र स्रोत गड़ीसर तालाब में इस बार लंबे अरसे बाद पानी की आवक हुई है. इस बरसात के बाद गड़ीसर की पाल पर चादर चली तो तिलों की पोल के बाहर तक पानी आ गया. इसके साथ ही गड़ीसर तालाब के बीच में स्थिति छतरी लगभग पूरी डूब गई है. हालांकि, गड़ीसर में अभी भी पानी की आवक जारी है, जिससे इस बार छतरी पूरी डूबने की संभावना जताई जा रही है.

ग्रामीणों को छतों पर लेनी पड़ी शरण
ग्रामीण इलाकों में बारिश के कारण जिले के बेलवा गांव में नदी उफान पर आने से उसमें फंसे लोगों को सिविल डिफेंस की टीम ने बाहर निकाला. वहीं, काले डूंगर राय मंदिर सड़क पर एक बोलेरो गाड़ी पलट गई, लेकिन ग्रामीणों ने तत्परता से उसमें फंसे लोगों को तुरंत बाहर निकाला. डाबला गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. सड़क से काफी नीचे होने के कारण यहां गांव में पानी भर गया. इसके घरों में पानी घुस गया. इस दौरान ग्रामीणों को घरों की छतों पर शरण लेनी पड़ी.
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