पंचायत राज चुनाव: जैसलमेर में पत्नी कांग्रेस के सिंबल पर तो पति निर्दलीय डटे मैदान में

पूर्व प्रधान अमरदीन फकीर की धर्मपत्नी ने जिला परिषद के वार्ड नंबर 16 से नामांकन-पत्र दाखिल किया है.
पूर्व प्रधान अमरदीन फकीर की धर्मपत्नी ने जिला परिषद के वार्ड नंबर 16 से नामांकन-पत्र दाखिल किया है.

Panchayat Raj Election: जैसलमेर में टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रधान अमरदीन फकीर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गये हैं. दूसरी तरफ उनकी पत्नी धप्पी कांग्रेस के सिंबल पर जिला परिषद सदस्य के लिये चुनाव लड़ रही हैं.

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जैसलमेर. पंचायतराज चुनाव (Panchayat Raj Election) में टिकट नहीं मिलने से बगावत का झंडा बुलंद करने के कई रोचक किस्से सामने आ रहे हैं. ऐसा ही रोचक वाकया जैसलमेर (Jaisalmer) में देखने को मिल रहा है. यहां कांग्रेस (Congress) के एक पुराने नेता की पत्नी पार्टी के सिंबल पर चुनाव मैदान में हैं, वहीं खुद नेताजी निर्दलीय ताल ठोक रहे हैं. सुनने में यह बात भले ही अटपटी लगे, लेकिन यह सौ फीसदी सही है. ऐसा भी नहीं है पति और पत्नी में कोई विवाद है. सबकुछ सामान्य होने के बावजूद ये नेताजी को टिकट नहीं मिलने के कारण ऐसे हालात सामने आये हैं.

मामला जैसलमेर के सबसे पुराने कांग्रेस समर्थक माने जाने वाले गाजी फकीर के परिवार से जुड़ा हुआ है. गाजी फकीर मुस्लिम समाज के धर्म गुरु हैं. फकीर परिवार को हमेशा से ही जैसलमेर कांग्रेस में खासा दबदबा रहा है. इस परिवार के सालेह मोहम्मद प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. वे गहलोत सरकार के इकलौते मुस्लिम मंत्री हैं. इस परिवार के कई सदस्य जिले में अहम राजनीतिक पदों पर रहे हैं और अभी भी हैं.

पंचायत राज चुनाव: जैसलमेर कांग्रेस में बगावत, गहलोत सरकार के मंत्री सालेह मोहम्मद के 4 सगे भाई उतरे चुनाव मैदान में

फकीर परिवार के तीन अन्य सदस्यों ने भी कर रखी है बगावत


यहां मंत्री सालेह मोहम्मद के सगे भाई अमरदीन फकीर की पत्नी धप्पी कांग्रेस के सिंबल पर जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ रही है. दूसरी तरफ अमरदीन को टिकट नहीं मिलने से वे नाराज हो गये और उन्होंने पंंचायत समिति सदस्य पद के लिये निर्दलीय चुनाव मैदान में ताल ठोक दी. अमरदीन सम पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ने के लिये निर्दलीय मैदान में उतरे हैं. वहीं सालेह मोहम्मद के एक भाई अब्दुल्ला फकीर भी कांग्रेस की टिकट से पंचायत समिति का चुनाव लड़ रहे हैं. जबकि सालेह मोहम्मद के तीन अन्य सगे भाइयों ने टिकट नहीं मिलने पर बगावत दी और वे भी निर्दलीय चुनाव मैदान में आ डटे हैं.

20 साल से फकीर परिवार का जिला परिषद पर कब्जा है
गाजी फकीर परिवार का गत करीब 20 साल से जिला परिषद और पंचायत समितियों में कब्जा रहा है. लेकिन इस बार परिवार के अन्य सदस्यों को टिकट नहीं मिलने से बगावत हो गई. पहले गाजी फकीर के छोटे भाई और सालेह मोहम्मद का चाचा फतेह मोहम्मद जैसलमेर के जिला प्रमुख रहे. उसके बाद सालेह मोहम्मद जिला प्रमुख बने. फिर सालेह मोहम्मद के विधायक बन जाने के बाद उनके छोटे भाई अब्दुला फकीर जिला प्रमुख रहे. सालेह मोहम्मद के भाई अमरदीन जैसलमेर पंचायत समिति के प्रधान रह चुके हैं.
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