Rajasthan Crisis: कांग्रेस में बागियों की वापसी, सुरजेवाला बोले- वो खुद दरवाजे पर आए, दुत्कार नहीं सकते
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Rajasthan Crisis: कांग्रेस में बागियों की वापसी, सुरजेवाला बोले- वो खुद दरवाजे पर आए, दुत्कार नहीं सकते
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई. (फाइल फोटो)

Rajasthan Political Crisis Update: विधायक दल की बैठक सचिन पायलट गुट का वापसी का मुद्दा छाया रहा. कांग्रेस (Congress) का कहना है कि बिना किसी शर्त के बागियों की वापसी पार्टी में हुई है.

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जैसलमेर. कांग्रेस (Congress) आलाकमान से हुई बातचीत के बाद बगावती तेवर में दिख रहे सचिन पायलट (Sachin Pilot) आखिरकार मान गए. उनके समर्थक विधायकों की भी घर वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है. पायलट कैम्प से सुलह के बाद पैदा हुए ताजा राजनीतिक हालात पर चर्चा के लिए सीएम अशोक गहलोत ने होटल सूर्यागढ़ में कांग्रेस विधायक दल की बैठक रखी गई. बैठक में सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए. बता दें कि पायलट कैंप से सुलह के बाद विधायक दल की ये पहली बैठक है. बैठक में पायलट कैंप से सुलह के बाद पैदा हुए राजनीतिक हालात पर चर्चा की गई. साथ ही आगे की रणनीति और विधानसभा सत्र पर भी चर्चा की गई. विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव के मुद्दे पर भी बातचीत हुई.

वहीं. विधायक दल की बैठक में सचिन पायलट कैम्प की वापसी का मुद्दा छाया रहै. इस मसले पर कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि वो दरवाजे पर आए हैं, हम उनको दुत्कार नहीं सकते. वहीं प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे का कहना है कि बागियों की वापसी बिना शर्त हुई है. गौरतलब है कि सूबे में तकरीबन एक महीने से चल रहा सियासी संकट सोमवार रात करीब-करीब खत्म हो गया है. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की मध्यस्था के बाद सचिन पालयट कैम्प की पार्टी में वापसी हो गई. पायलट की ओर से पार्टी फोरम में रखी गई बातों का समाधान निकालने के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया करने की बात भी पार्टी की ओर से कही गई है.

सचिन पायलट ने कहा- हमने पार्टी के खिलाफ नहीं बोला



जयपुर लौटने पर सचिन पायलट से मीडिया से चर्चा की. प्रेसवार्ता में सचिन पायलट ने कहा कि राष्ट्रदोह के चार्ज में SOG से नोटिस मिला है. वो न्यायोचित नहीं था. डेढ़ साल से जो घटनाक्रम रहा उसको लेकर दिल्ली गए थे. निलम्बन, बरखास्तगी समेत कई चीजे हुई. हमने कभी पार्टी के खिलाफ नहीं बोला. उन्होंने कहा कि इस दौरान मेरे खिलाफ काफी कुछ बोला गया. इसका मतलब ये नहीं कि हम इंसान नहीं हैं. फिर भी हमने अपने साथियों के साथ फैसला लिया कि पार्टी के अंदर बात रखें. पायलट ने कहा कि पार्टी ने हमारी बात सुनी है. एक उच्चस्तरीय कमेटी बनी जो जल्द ही काम शुरू करेगी. उन्होंने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं ने 5 साल मेहनत कर पार्टी बनाई उनके बारे में सोचना हमारी जिम्मेदारी है. ये पार्टी के खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा कि रहने का खर्च, वकीलों की फीस की बाते कर माहौल बनाया गया. सत्य को परेशान किया जा सकता है पराजित नहीं. हमारी निष्ठा पर शक करने वालों को सोचना होगा. उन्होंने कहा मैंने किसी पद की मांग नहीं की है. जब सरकार बनी तो सबके आशीर्वाद से बनी. किसी एक व्यक्ति की वजह से नहीं.



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लेकिन सरकार मेरी भी है......

सचिन पायलट ने कहा 3 साल बाद चुनाव है. सब MLA चाहेंगे की जीते. जीतेंगे तब जब जनता की समस्याएं दूर करेंगे. उन्होंने कहा कि मेरे दिल में सबके प्रति सम्मान है. मैंने गलती की तो स्वीकार करने की क्षमता रखता हूं.  उम्मीद करता हूं दूसरो को भी करनी चाहिए. मैं सरकार में था पर आज नहीं हूं, लेकिन सरकार मेरी भी है. उन्होंने कहा कि जितना सहयोग कर सकता हूं उतना करूंगा. मेरे लिए जो बोला गया दुख तो बहुत हुआ लेकिन मैं चुप रहा. हमारी मांगों में दम है और पार्टी हित में है तो उसको पूरा करना चाहिए.
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