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दूल्हे के पिता ने ससम्मान लौटाया 5 लाख का टीका, दुल्हन पक्ष का बढ़ाया मान

Jaisalmer News: राजस्थान के जैसलमेर में दुल्हे के पिता ने शादी में टीके की रकम लेने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि बेटी ही सबसे बड़ा घन है.

Jaisalmer News: राजस्थान के जैसलमेर में दुल्हे के पिता ने शादी में टीके की रकम लेने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि बेटी ही सबसे बड़ा घन है.

Jaisalmer News: राजस्थान (Rajasthan News) के जैसलमेर (Jaisalmer Samachar) में पूर्व सैनिक और भाजपा नेता सुजान सिंह हड्डा (Sujan Singh Hadda Jaisalmer) ने अनोखी मिसाल पेश की है. उन्होंने अपने दोनों बेटों की शादी में दुल्हन के पिता की तरफ से दूल्हे को टीके के तौर पर दिए गए 5 लाख रुपये की रकम लेने से मना कर दिया. उन्होंने केवल 1100 रुपये शगुन लेकर रिवाज को पूरा किया. हड्डा ने कहा कि हमारी बहू ही बेटी के रूप में सबसे बड़ा धन है. हमने नगद की जरूरत नहीं है.

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श्रीकांत व्यास.

जैसलमेर. राजस्थान के जैसलमेर के हड्डा गांव के निवासी पूर्व सैनिक और भाजपा नेता सुजान सिंह हड्डा के दो बेटों की हालही में शादी हुई. एक बेटे की बारात आसकंद्रा और दूसरे बेटे की बारात बारू गांव में गई. नाचना कस्बे आई बारात ने जैसलमेर जिले में एक अनूठा उदाहरण पेश किया. भाजपा नेता सुजान सिंह हड्डा अपने बेटे चन्द्रपाल सिंह की बारात लेकर आसकंद्रा गांव पहुंचे. रीति-रिवाज पूरे होने के बाद दुल्हन के पिता की ओर से टीके की रस्म की पेशकश करते हुए दूल्हे को टीके के रूप में एक थाल मे 5 लाख रुपये नगद सजाकर दिए गए. टीके के इस रिवाज को देखकर दूल्हे चंद्रपाल के पिता सुजान सिंह ने 5 लाख लेने से इनकार कर दिया, लेकिन परम्पराओंं का सम्मान करते हुए उन्होंने सिर्फ 1100 रुपये शगुन लेकर दुल्हन पक्ष का मान बढ़ाया.

उन्होंने सभी के सामने कहा कि हमारे लिए आपकी बेटी आज से हमारी बेटी बनने जा रही है. हमारी बहू ही बेटी के रूप में सबसे बड़ा धन है. इस बेटी रूपी धन को पाकर में धन्य हो गया हूं. हमारे परिवार की आगे की पीढ़ी को चलाने व बढ़ाने वाली इस बेटी से मूल्यवान कुछ भी नहीं हैं और हमें नकद धन की आवश्यकता नहीं है. ऐसा ही मंजर उनके दूसरे बेटे मनोहर सिंह क़ी बारात में भी देखने को मिला. मनोहर सिंह की बारात बारू गांव गई जंहा भी सुजान सिंह के परिवार ने टीका लौटाते हुए बेटियों को शिक्षित करने पर जोर दिया.

रीति रिवाज का रखा मान, कहा- बेटियों को पढ़ाना है जरूरी 

सुजान सिंह हड्डा ने शादी समारोह में मौजूद मेहमानों व बारातियों से भी निवेदन किया कि वे अपने बच्चों के साथ-साथ बच्चियों को भी शिक्षा दिलाएं और अपने पैरों पर खड़ा करके उसको सक्षम बनाएंं. वही सबसे बड़ा टीका होगा. हड्डा ने रीति रिवाज व परम्पराओं का मान रखते हुए केवल 1100 रुपये शगुन के लेकर इस रिवाज को पूरा किया तथा उनका मान रखा.

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इस मौके पर दुल्हन के चाचा गिरधर सिंह ने बताया कि सुजान सिंह की इस सामाजिक पहल को इलाके के सभी लोगों ने सराहा और अपनी खुशी व्यक्त की है. सब उनके उठाए कदम से प्रेरित हो रहे हैं. सुजान सिंह के बेटे चन्द्रपाल सिंह की शादी आसकंद्रा निवासी शिक्षक राण सिंह सिंघल की बेटी मंजू कंवर से हुई है. शादी के दौरान हुई अनूठी और सामाजिक पहल की गई जिसकी आज हर कोई प्रशंसा करते हुए नहीं थक रहा है.

Tags: Jaisalmer news, Rajasthan news

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