बच्चे को इतने जोर से खींचा... पैरों की हडि्डयां टूट गई, लीवर फट गया

जैसलमेर में प्रसव के दौरान बच्चे के टुकड़े होने वाले मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. बच्चे को इतने जोर से खींचा गया कि उसके पैरों की हडि्डयां टूट गई. बच्चे का लीवर फट गया था.

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Updated: January 11, 2019, 10:39 AM IST
बच्चे को इतने जोर से खींचा... पैरों की हडि्डयां टूट गई, लीवर फट गया
बच्चे को इतने जोर से खींचा गया कि उसके पैरों की हडि्डयां टूट गई. (फोटो- प्रतिकात्मक)
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Updated: January 11, 2019, 10:39 AM IST
जैसलमेर के रामगढ़ कस्बे में प्रसव के दौरान बच्चे के टुकड़े होने के मामले में चौंकाने वाला सच सामने आया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बच्चे को इतने जोर से खींचा गया कि उसके पैरों की हडि्डयां तक टूट गई. इस घोर लापरवाही में कंपाउंडर के हाथों कोख में ही बच्चे के दो टुकड़े हो गए, बच्चे का लीवर फट गया. उधर, मामले की जांच के आदेश के बाद गुरुवार को सरकार ने डॉक्टर और दो कंपाउंडरों पर कार्रवाई की है. डॉक्टर निखिल शर्मा को एपीओ और दोनों कंपाउंडरों को सस्पैंड किया गया है.

अस्पताल में प्रसव के दौरान दो कंपाउंडर मिल कर प्रसव कराने का प्रयास कर रहे थे. जबकि बगल में ही डॉक्टर का मकान था लेकिन उसे बुलाने के बजाय कंपाउंडर खुद ही प्रयास करते रहे. कंपाउंडर अमृतराम ने बताया कि उन्होंने परिजनों के कहने और मानवता के नाते उन्होंने प्रसव कराने का प्रयास किया था. चिकित्साकर्मी जंझारसिंह को बुलाया गया और प्रसव का प्रयास किया. इस दौरान प्रसव नहीं हो सकता और बच्चे का धड़ बाहर आ गया लेकिन सिर अंदर ही रह गया.

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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीएल बुनकर का कहना है कि अमृतराम ने ट्रेनिंग नहीं ली थी लेकिन मेल नर्स प्रसव करवा सकते हैं. यदि कोई महिला नर्स होती तो प्राथमिका उसे होती लेकिन नहीं थी तो अमृतराम प्रसव कराने में सक्षम है.

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