Rajasthan Crisis: अपने ही विधायकों की जासूसी कर रही गहलोत सरकार, तैयार किया जा रहा कॉल रिकॉर्ड- सूत्र
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Rajasthan Crisis: अपने ही विधायकों की जासूसी कर रही गहलोत सरकार, तैयार किया जा रहा कॉल रिकॉर्ड- सूत्र
राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत (फाइल फोटो)

Rajasthan Crisis: जानकारी के मुताबिक पूरे होटल में 4 जैमर लगे हैं. इसलिए मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. विधायक होटल का नेटवर्क इस्तेमाल करने के लिए मजबूर हैं, जिसका फायदा उठाकर होटल के जरिए हर कॉल को रिकॉर्ड किया जा रहा है.

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  • Last Updated: August 7, 2020, 10:04 AM IST
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अनुराग ढांढा

जैसलमेर. राजस्थान में सियासी घमासान जारी है. ऐसे में जानकारी आ रही है कि जैसलमेर में मौजूद कांग्रेस विधायकों के फोन कॉल पर नजर रखी जा रही है. सूत्रों ने बताया कि अवैध तरीके से जैसलमेर में मौजूद कांग्रेस विधायकों के कॉल रिकॉर्ड किए जा रहे हैं. कौन विधायक किससे बात करता है, इसका पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है. ऐसे में इस रिकॉर्ड के दस्तावेज से साफ है कि होटल में रह रहे विधायकों की पूरी जासूसी की जा रही है.

जानकारी के मुताबिक, पूरे होटल में 4 जैमर लगे हैं, इसलिए मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. विधायक होटल का नेटवर्क इस्तेमाल करने के लिए मजबूर हैं. जिसका फायदा उठाकर होटल के जरिए हर कॉल को रिकॉर्ड किया जा रहा है. बता दें कि प्रदेश में जारी राजनीतिक घमासान के बीच सत्‍तारूढ़ कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हमला कर रही है. इन विधायकों को पहले जयपुर में रखा गया था, जिन्‍हें बाद में जैसलमेर शिफ्ट किया गया है.



थम नहीं रही बयानबाजी
वहीं, दूसरी तरफ राजस्थान के सियासी घमासान में बयानबाजी का दौर जारी है. राजीतिक हलचल के बीच कांग्रेस नेता ने एक बड़ा बयान दिया है. कांग्रेस के एक विधायक ने सचिन पायलट (Sachin Pilot) को राय देने वालों को ‘गलत’ लोग बताया और कहा कि पायलट ने जिन पर भरोसा किया वे सबसे पहले धक्का देने वाले लोगों में से हैं. इन लोगों के लिए 'जयचंद' शब्द का इस्तेमाल करते हुए विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि इस सारे खेल के पीछे भाजपा का हाथ है.

कांग्रेस विधायक प्रशांत बैरवा (Prashant Bairava) ने गुरुवार को एक स्थानीय टीवी चैनल पर कहा, 'बेहतर यही होता कि सचिन पायलट हम जैसे लोगों की भी थोड़ी राय ले लेते, तो मैं समझता हूं वहां 19 लोग नहीं उनके वहां 45 लोग हो सकते थे. मगर हमसे उन्होंने ढंग से राय नहीं ली. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के नेतृत्व से नाराज होकर अलग हुए पायलट खेमे में कुल 19 विधायक हैं. कांग्रेस और गहलोत समर्थक विधायक यहां जैसलमेर के एक होटल में रुके हैं जिनमें बैरवा भी शामिल हैं.

प्रशांत बैरवा ने कहा कि मुझे लगता है कि खेल को कोई और पलट रहा है. पायलट की टीम बहुत बड़ी है. उनको यही अंदाजा नहीं था. उन्होंने भरोसा जिन पर किया वे सबसे पहले धक्का देने वालों में से हैं. इसके साथ ही उन्होंने पायलट को राय देने वालों की निष्ठा पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'जयचंद' करार दिया.
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