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सर्द रात में 16 बच्चे हॉस्टल की दीवार फांदकर भागे, 10 KM पैदल चलकर गए कलेक्टर के पास, जानिए क्यों?

सर्द रात में 16 बच्चे हॉस्टल की दीवार फांदकर भागे, 10 KM पैदल चलकर गए कलेक्टर के पास, जानिए क्यों?

आवासीय स्कूल से भागकर आये बच्चों ने जिला कलेक्टर नम्रता को वहां के वीडियो दिखाये.

आवासीय स्कूल से भागकर आये बच्चों ने जिला कलेक्टर नम्रता को वहां के वीडियो दिखाये.

Jalore Latest News : जालोर में 16 बच्चे सर्द रात में आवासीय स्कूल की दीवार फांदकर भाग गए और कड़कड़ाती सर्दी में बच्चे करीब 90 किलोमीटर चलकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे. 10 किलोमीटर पैदल भी चले. बच्चों ने कलेक्टर के सामने हॉस्टल वार्डन की शिकायत करते आरोप लगाया कि हॉस्टल वार्डन मारता-पीटता है और झाड़ू लगावता है. कलेक्टर ने मामले को गंभीरता समझा और तत्काल रानीवाड़ा एसडीएम प्रकाशचंद्र अग्रवाल और समाज कल्याण के सहायक निदेशक सुभाषचंद्र मणि, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष नैनसिंह राजपुरोहित और सदस्य रमेश कुमार को स्कूल का निरीक्षण करने का आदेश दिया. अधिकारियों को आवासीय स्कूल में कई गड़बड़ियां मिलीं. उसके बाद वार्डन को हटा दिया गया. फिर कलेक्टर ने वाहन की व्यवस्था करवाकर बच्चों को स्कूल भिजवाया.

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श्याम सुंदर विश्नोई.

जालोर. जालोर के रानीवाड़ा इलाके के देवनारायण राजकीय उच्च माध्यमिक आवासीय विद्यालय चांडपुरा में वार्डन की व्यवहार, गड़बड़ियों, अव्यवस्थाओं से परेशान बच्चों का सब्र आखिर टूट ही गया. 10वीं और 11वीं के 16 छात्र मंगलवार रात 11 बजे तारों की दीवार को फांदकर स्कूल (School) से भाग छूटे. सर्द रात में करीब 90 किमी तक सफर करते हुए ये बच्चे तड़के 4 बजे जालोर पहुंचे. इस दौरान चांडपुरा से कोड़ी तक साधन नहीं मिलने के कारण वे 10 किमी पैदल चले. उसके बाद उन्हें साधन मिला. जालोर में छह घंटे तक इंतजार के बाद सुबह 10 बजे कलेक्टर नम्रता (Collector Namrata) के सामने हाथ जोड़कर पेश हुए और तीन पेज का शिकायती पत्र सौंपा.

विद्यार्थियों ने भरपेट भोजन नहीं देने, खाना बनवाने, बर्तन धुलवाने, अवैध वसूली और फर्जी कर्मचारियों का नाम चलाने समेत कई गड़बड़ियों की शिकायतें की. बच्चों ने तीन पेज का पत्र सौंपकर वार्डन बद्रीलाल चौहान पर गंभीर आरोप लगाते हुए फरियाद करते हुये कहा कि उन्हें तत्काल न्याय दिलाओ नहीं तो हम स्कूल नहीं जाएंगे. इस स्कूल में करीब ढाई सौ बच्चे हैं.

वार्डन को हटाकर व्याख्याता को दिया चार्ज
जिला कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हाथोंहाथ रानीवाड़ा एसडीएम प्रकाशचंद्र अग्रवाल और समाज कल्याण के सहायक निदेशक सुभाषचंद्र मणि, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष नैनसिंह राजपुरोहित और सदस्य रमेश कुमार को स्कूल भेजा. इन अधिकारियों को आवासीय स्कूल में वास्तव में कई गड़बड़ियां मिलीं. उसके बाद वार्डन को हटाकर व्याख्याता को चार्ज दे दिया गया है. कलेक्टर ने वाहन की व्यवस्था करवाकर बच्चों को स्कूल भिजवाया.

छात्रों के आरोप पांच-पांच हजार रुपये ले लिए रसीद नहीं दी
छात्रों का आरोप है कि 1 सितंबर को हॉस्टल खुला था. 15 दिन तक रसोइया रखा. उसके बाद से छात्र खुद खाना बना रहे हैं. वार्डन फर्जी बिल पेश कर रहा है. बर्तन तक विद्यार्थियों को धोने पड़ रहे हैं. प्रवेश के दौरान 5 हजार रुपए की अवैध वसूली की गई. सरकार से 200 रुपये किराया मिलता है. वह वार्डन खुद उठा रहा है. घर से पैसे लाते हैं तो वार्डन ले लेता है. मारपीट करता रहता है. हॉस्टल का कलर भी बच्चों ने किया. हॉस्टल वार्डन के रूम में शराब की पार्टी चलती है.

अगर कोई बोलता है को झाडू से पीटता है
छात्रों ने आरोप लगाया वार्डन जब चाहे बिजली बंद कर देता है. अगर कोई बोलता है को झाडू से पीटता है. हॉस्टल को मिली आटा-चक्की भी वार्डन घर ले गया. भतीजे की शादी में सामान, दलिया, घी और तेल समेत किराणे का सामान हॉस्टल से ले गया. वार्डन अपने परिचितों को नौकरी पर लगाकर फर्जी बिल उठाता है. एक छात्र के साथ मारपीट कर कान पर गंभीर चोटें पहुंचायी.

जांच में कई आरोपों में पुष्टि हुई
एसडीएम प्रकाशचंद्र अग्रवाल ने करीब 5 घंटे तक विद्यालय में रहकर विद्यार्थियों के आरोप पर जांच रिपोर्ट तैयार की है. प्राथमिक तौर पर बच्चों द्वारा लगाए गए कई आरोपों में पुष्टि हुई है. जांच में पता चला 3 दिन से प्रिंसिपल नहीं आया. उसने एडवांस में हस्ताक्षर कर रखे हैं. अब जांच रिपोर्ट बनाकर कलेक्टर को पेश की जाएगी.

Tags: Rajasthan latest news, Rajasthan news

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