जालोर: अस्पताल में वेंटिलेटर शुरू नहीं होने पर BJP MLA जोगेश्वर गर्ग बोले- आत्मदाह करना बाकी रह गया

विधायक गर्ग ने कहा कि जालोर जिले में दिन प्रतिदिन फैलते कोरोना संक्रमण के कारण हालात लगातार विकट होते जा रहे हैं. इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन सबक नहीं ले रहा है.

विधायक गर्ग ने कहा कि जालोर जिले में दिन प्रतिदिन फैलते कोरोना संक्रमण के कारण हालात लगातार विकट होते जा रहे हैं. इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन सबक नहीं ले रहा है.

Bad conditions of medical system in Rajasthan: अस्पताल में वेटिलेंटर्स होने के बावजूद उन्हें शुरू नहीं किए जाने पर जालोर के बीजेपी विधायक जोगेश्वर गर्ग ने हताशा जताई हैं. उन्होंने ट्वीट करके कहा है कि अब आत्मदाह करना ही बाकी रह गया है.

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श्याम बिश्नोई

जालोर. गुजरात से सटे राजस्थान के जालोर जिले में कोरोना के कारण हालात विकट होते जा रहे हैं.और इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन सबक नहीं ले रहा है. जिले के सबसे बड़े अस्पताल में वेंटिलेटर (Ventilator) होने के बावजूद भी उन्हें चालू नहीं किए जाने से खफा जालोर के बीजेपी विधायक जोगेश्वर गर्ग (Jogeshwar Garg) ने ट्वीट करके कहा है कि अब केवल आत्मदाह (Suicide) करना बाकी रह गया है.

जोगेश्वर गर्ग ने अपने ट्वीट में लिखा कि ''मेरी सारी ताकत और समझ काम लेकर थक गया. नतीजा शून्य. कलेक्टर कार्यालय के आगे खड़ा होकर आत्मदाह करना बाकी रह गया है. आप कहें तो वो भी कर दूं यदि कोई गारंटी ले कि उसके बाद ये वेंटिलेटर चालू हो जायेंगे.'' इस पर जिला प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्टाफ नहीं होने से ये वेंटिलेटर चालू नहीं किए जा सकते. भर्ती निकाल दी गई है जल्द ही इन वेंटिलेटर पर चालू कर दिया जाएगा.

जालोर: अस्पताल में वेंटिलेटर शुरू नहीं होने से खफा BJP MLA जोगेश्वर गर्ग बोले- आत्मदाह करना बाकी रह गया है Rajasthan News-Jalore News-BJP MLA Jogeshwar Garg angry over not strat ventilator in hospital-Said - Suicide remains to be done
बीजेपी विधायक जोगेश्वर गर्ग का ट्वीट.

22 दिनों में 175 मरीज दम तोड़ चुके

जालोर जिले में गत 22 दिनों में 175 मरीज दम तोड़ चुके हैं. इतने गंभीर हालात होने के बावजूद जिला अस्पताल में पड़े करीब 23 वेंटिलेटर में से एक भी शुरू नहीं हो पाया. जबकि सोमवार को कोरेाना संक्रमित 16 और बुधवार को 6 मरीजों ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया. दूसरी तरफ प्रशासन की वेबसाइट पर अभी भी गलत आंकड़े ही दर्शाए जा रहे हैं.जिला अस्पताल में कुछ वेंटिलेटर पैकिंग में तो कुछ वार्डों में बिखरे पड़े हैं. वहीं कुछ आईसीयू के वार्डों में रखे हुए हैं. वहां पर मरीज उन पर सामान लटकाने समेत अन्य उपयोग में ले रहे हैं.

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