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पाकिस्तान बॉर्डर से महज 40 किलोमीटर दूर उतरेंगे वायुसेना के फाइटर प्लेन, जानें- क्या है तैयारी?

पाकिस्तान बॉर्डर से महज 40 किलोमीटर दूर उतरेंगे वायुसेना के फाइटर प्लेन, जानें- क्या है तैयारी?

एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग के लिए जालोर में बनाई गई हवाई पट्टी.

एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग के लिए जालोर में बनाई गई हवाई पट्टी.

Jalore News: पाकिस्तान सीमा से लगे राजस्थान के जालोर में आपात स्थिति में नेशनल हाईवे पर भारतीय वायुसेना के जंगी जहाजों को उतारने के लिए NH 925A पर 3 किलोमीटर लम्बी हवाई पट्टी बनकर तैयार हो गई है.

    रिपोर्ट – श्याम बिश्नोई

    जालोर. राजस्थान के जालोर में भारतीय एयरफोर्स (Indian Air Force) की ओर से युद्ध और आपात स्थिति में नेशनल हाईवे पर जंगी जहाजों को उतारने के लिए NH 925A हाइवे पर 32.95 करोड़ की लागत से 3 किलोमीटर लम्बी हवाई पट्टी बनकर तैयार हो गई है. जालोर जिले के चितलवाना में NH 925A पर भारतमाला परियोजना के तहत भारतीय वायु सेना को ऐसा पहला नेशनल हाइवे मिलने जा रहा है, जहां पर युद्ध के दौरान वायुसेना फाइटर जेट की इमरजेंसी लैंडिंग करवा सकेगी. इसको लेकर बुधवार और गुरुवार को इस हवाई पट्टी का उद्घाटन होगा, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी शामिल होंगे.

    इस दौरान क़रीब तीन घंटे तक लगाकर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान यहां से उड़ान भरेंगे और करीब एक दर्जन से अधिक अलग-अलग लड़ाकू विमान यहां अभ्यास भी करेंगे, जिसको लेकर एयरफ़ोर्स ने पूरी तैयारी कर ली है. बता दें पाकिस्तान बॉर्डर से सिर्फ 40 किलोमीटर दूर बनी इस हवाई पट्टी पर भारतीय एयरफोर्स की ओर से लड़ाकू विमान उतारे जायेगें, जिसको लेकर प्रत्येक दिन यहां ट्रायल में एयरफोर्स 2 फाइटर हेलिकॉप्टर पहुंच रहे हैं.

    सभी सुविधाओं से लैस
    भारतमाला परियोजना के तहत चितलवाना में बने एनएच-925 के निर्माण के दौरान 3 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी अगड़ावा व सेसावा गांव में बनाई गई है. यहां 8 व 9 सितंबर को हवाई पट्टी पर फाइटर प्लेन दौड़ते हुए नजर आएंगे. भारतमाला हाइवे एनएच-925 पर बनी आपातकालीन हवाई पट्टी 3 किमी लंबी और 33 मीटर चौड़ी है. इस हवाई पट्टी को बनाने में 32.95 करोड़ रुपए लागत आई. भारत-पाक तारबंदी बॉर्डर से महज 40 किलोमीटर दूरी पर यह हवाई पट्टी बनाई गई हैं. हवाई पट्टी के दोनों सिरों पर 40 गुणा 180 मीटर की दो पार्किंग भी बनाई गई है, ताकि फाइटर प्लेन को पार्किंग में रखा जा सके. इसके अलावा 25 गुणा 65 मीटर आकार की एटीसी प्लिंथ का डबल मंजिला एटीसी केबिन के साथ निर्माण किया गया है, जो पूरी तरह से वॉश रूम सुविधायुक्त है. हवाई पट्टी के पास 3.5 किलोमीटर लंबी 7 मीटर चौड़ी सर्विस रोड़ भी बनाई गई है.

    फाइटर प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग
    भारतीय वायु सेना को ऐसा पहला नेशनल हाइवे मिलने जा रहा है, जहां पर युद्ध के दौरान वायु सेना फाइटर जेट की इमरजेंसी लैंडिंग करवा सकेगी. भारतीय वायु सेना राजस्थान के जालोर में बन रहे नेशनल हाइवे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ मॉकड्रिल करेंगे.

    बता दें कि अक्टूबर, 2017 में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर भी भारतीय वायु सेना इमरजेंसी लैंडिग करवा चुकी है. हालांकि, यह एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन है. इसलिए राजस्थान के जालोर का हाइवे पहला राष्ट्रीय राजमार्ग हो जाएगा, जहां पर ऐसी सुविधा होगी. जानकारी के मुताबिक, नेशनल हाइवे पर वायुसेना की देखरेख में एयरस्ट्रिप का काम जारी है. युद्ध के समय आपात लैंडिग के लिए वायुसेना ने देश भर में 12 नेशनल हाइवे चिह्नित किए हैं. ये हाइवे अलग-अलग राज्यों में स्थित हैं.

    Tags: Indian air force, Rajasthan news

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