जालोर लोकसभा सीट: BJP के देवजी पटेल लगाएंगे जीत की हैट्रिक! लेकिन 20 बाद कांग्रेस को देवासी से उम्मीद

राजस्थान की जालोर सिरोही लोकसभा सीट पर 29 अप्रैल को मतदान हुआ है. यहां से बीजेपी उम्मीदवार देवजी पटेल खुद की जीत को लेकर पूरी तरह से आस्वस्त हैं. लेकिन बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस के रतन देवासी हैं.

News18Hindi
Updated: May 19, 2019, 2:40 PM IST
जालोर लोकसभा सीट:  BJP के देवजी पटेल लगाएंगे जीत की हैट्रिक! लेकिन 20 बाद कांग्रेस को देवासी से उम्मीद
बीजेपी उम्मीदवार देवजी पटेल(बाएं) और कांग्रेस के रतन देवासी.
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Updated: May 19, 2019, 2:40 PM IST
राजस्थान की जालोर सिरोही लोकसभा सीट पर चौथे चरण यानी 29 अप्रैल को मतदान हुआ है. यहां से बीजेपी उम्मीदवार देवजी पटेल खुद की जीत को लेकर पूरी तरह से आस्वस्त हैं. उनके समर्थकों की माने तो पटेल इस बार जीत की हैट्रिक लगाने जा रहे हैं. लेकिन बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस के रतन देवासी हैं. देवासी की जीत की उम्मीदों के साथ कांग्रेस फिर यहां 20 साल बाद जीत के समने संजाए हुए है. हालांकि 23 मई को आने वाली नतीजों के बाद ही तय होगा कि देवजी पटेल की हैट्रिक लगती है या कांग्रेस 20 साल बाद फिर से सीट पर कब्जा जमाती है.

जालोर लोकसभा सीट में राजस्थान के 8 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं. इनमें आहोर, जालोर, भीनमाल, सांचोर, रानीवाड़ा, सिरोही, पिंडवाड़ा आबू और रेवदर विधानसभा क्षेत्र हैं. जालौर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 1089206 पुरुष, 981680 महिला एवं 13 ट्रांसजेंडर मतदाओं सहित कुल 2070899 वोटर हैं. इनमें से 699697 पुरुष, 660718 महिला और 3 ट्रांसजेंडर ने अपने मतद का इस्तेमाल किया है. यानी यहां कुल 65.69% मतदान हुआ है.



जालोर-सिरोही संसदीय क्षेत्र से इस बार कुल 15 उम्मीदवार चुनावी मैदान थे. इनमें बीजेपी के उम्मीदवार देवजी पटेल, कांग्रेस के रतन देवासी के अतरिक्ति राष्ट्रीय राष्ट्रवादी पार्टी के कालूराम, बहुजन मुक्ति पार्टी के भंवरलाल, आंबेडकराईट पार्टी ऑफ इंडिया के रामप्रसाद जाटव, शिवसेना की विजयश्री और निर्दलीय उम्मीदवार कपूराराम मीना, खेता राम, दिनेश सिंह, नीम्बाराम, भावाराम, भैराराम बरार (मेघवाल), मोहन लाल, लाखाराम चौधरी और लुकाराम ने चुनाव लड़ा है. हालांकि मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही नजर आया.

पीएम मोदी और गुजरात का प्रभाव, राष्ट्रवाद का सहारा

जालोर-सिरोही लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र गुजरात सीमा से सटा है और यहां की राजनीति, व्यापार और सामान्य जन-जीवन पर गुजराज का खास प्रभाव है. पहनावे, बोली के साथ व्यापारिक रिश्ते भी खासे प्रगाढ़ हैं. ऐसे में चुनावी नतीजों पर भी गुजराती सियासत और पीएम मोदी के गृहराज्य की हवा का असर रहा है.अब देखना है कि मोदी के राष्ट्रवादी मुद्दे यहां के नतीजों को कितना प्रभावित कर पाते हैं.

20 साल बाद देवासी के रूप में कांग्रेस को उम्मीद
जालोर-सिरोही लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने अंतिम जीत 1999 में दर्ज की थी. दिग्गज कांग्रेसी नेता बूटासिंह ने यहां से अंतिम बार कांग्रेस को जीत दिलाई थी. लेकिन 2004 में बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण की पत्नी सुशीला बंगारू ने बीजेपी की जीत का सिलसिला शुरू किया जो अभी तक जारी रहा. सुशीला के बाद बीजेपी के टिकट पर दो चुनावों में देवजी पटेल जीत चुके हैं और अब तीसरा चुनाव लड़ रहे हैं. लेकिन 20 साल बाद कांग्रेस ने रतन देवासी के जरिए फिर जीत की उम्मीद लगाई है. कांग्रेस ने जातीय दांव खेलते हुए रानीवाड़ा से लगातार दो विधानसभा चुनाव हारे रतन देवासी को चुनाव लड़ाया है और जातीय समीकरणों के दम पर कांग्रेस को जीत उम्मीद है.
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