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राजस्थान पर भारी पड़ रही मध्य प्रदेश की बारिश, कालीसिंध बांध के 10 गेट 14 मीटर तक खोले

राजस्थान पर भारी पड़ रही मध्य प्रदेश की बारिश, कालीसिंध बांध के 10 गेट 14 मीटर तक खोले

झालावाड़ के भंवरसा इलाके में स्थित कालीसिंध बांध से की जा रही अथाह पानी की निकासी.

झालावाड़ के भंवरसा इलाके में स्थित कालीसिंध बांध से की जा रही अथाह पानी की निकासी.

कालीसिंध बांध के गेट खोलने से झालावाड़ में अलर्ट जारी: राजस्थान के पड़ौसी राज्य मध्य प्रदेश में लगातार चल रहे बारिश (Rain) के दौर ने इससे सटे झालावाड़ जिले के लोगों की धड़कनें बढ़ा दी है. एमपी में हो रही बारिश से कालीसिंध नदी उफान पर (Kali Sindh river in spate) है. इसके चलते इसके 6 गेटों को 14 मीटर तक खोलकर पानी की निकासी की जा रही है. इसके बाद कालीसिंध नदी से सटे इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है.

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हाइलाइट्स

झालावाड़ के आधा दर्जन गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट चुका है
कालीसिंध बांध का पानी थर्मल पावर प्लांट के लिये ही काम में लिया जाता है

झालावाड़. राजस्थान के पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में चल रहा बारिश (Rain) का दौर राजस्थान के झालावाड़ जिले के लिये सिरदर्द बनने लग गया है. इसके चलते झालावाड़ जिले से होकर गुजर रही कालीसिंध नदी उफान पर आ गई है. इससे झालावाड़ जिले के भंवरासा इलाके में बने कालीसिंध बांध (Kali Sindh river in spate) के 10 गेट को 14 मीटर तक खोलकर 1 लाख 18 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है. बांध से पानी छोड़े जाने के बाद जल प्रवाह के अगले क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है.

झालावाड़ जिले में इस बार भी मानसून जोरदार मेहरबान हो रखा है. मानसून के पहले दौर में ही जिले में औसत बारिश का करीब 60 फीसदी पानी गिर चुका है. झालावाड़ जिले के लगभग सभी तालाब और बांध भी लबालब हो गए हैं. नदी नाले उफान मार रहे हैं. झालावाड़ जिले में अभी तक इस मौसम की 660 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है. बुधवार को एक फिर हल्की बारिश का दौर चला. इससे मौसम सुहावना हो गया.

कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट को दिया जाता है इस बांध का पानी
कालीसिंध बांध से निकासी किये जाने के बाद यह पानी आगे जाकर आहू नदी में भी मिलता है. इससे झालावाड़ जिले के गागरोन चंगेरी समेत आधा दर्जन गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट चुका है. कालीसिंध बांध से फिलहाल सिंचाई के लिए पानी नहीं दिया जाता है. इसका पूरा पानी कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट के ही काम आता है.

मध्य प्रदेश के देवास से होकर झालावाड़ जिले में प्रवेश करती है यह नदी
मध्य प्रदेश के देवास जिले से होकर राजस्थान के झालावाड़ जिले में पहुंचने वाली कालीसिंध नदी जिले के रायपुर, झालरापाटन, झालावाड़ और हरीगढ़ इलाके से होती हुई कोटा जिले में प्रवेश कर जाती है. उसके बाद इसका चंबल में संगम हो जाता है. कालीसिंध में उफान आने से झालावाड़ के कई इलाकों पर संकट आ जाता है. लिहाजा कालीसिंध नदी में पानी का स्तर बढ़ने के साथ ही झालावाड़ जिले में अलर्ट जारी हो जाता है. इसके कारण आगे चलकर बाद में चंबल नदी का जलस्तर भी बढ़ जाता है.

Tags: Dams, Heavy Rainfall, Jhalawar news, Rajasthan news, Weather Alert

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