झालावाड़: मध्यप्रदेश की बारिश का असर, कालीसिंध नदी का जल स्तर बढ़ा, बांध के 4 गेट खोले

नदी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है.
नदी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है.

मध्यप्रदेश में हो रही बारिश (Rain) के कारण झालावाड़ जिले में स्थित कालीसिंध नदी का जलस्तर बढ़ गया है. इसके चलते यहां बने बांध (Kalisindh dam)के 4 गेट खोलकर 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है.

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झालावाड़. राजस्थान में भले ही मॉनसून (Monsoon) की बारिश का दौर लगभग खत्म हो गया हो, लेकिन पड़ोसी राज्यों में हाल ही हुई बारिश (Rain) के पानी की आवक यहां जारी है. प्रदेश से सटे मध्य प्रदेश के कई जिलों में पिछले 3 दिनों से हो रही बारिश के चलते झालावाड जिले की कालीसिंध नदी  के जलस्तर में खासी वृद्धि हुई है. कालीसिंध नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने के चलते झालावाड़ जिले में स्थित कालीसिंध बांध (Kalisindh dam)के 4 गेट खोलने पड़े हैं.

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50 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है
कालीसिंध बांध के चार गेट खोलकर करीब 50 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है. वहीं नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने के चलते इसके किनारों पर मौजूद ग्रामीणों व किसानों को भी अलर्ट कर दिया गया है. पुलिस-प्रशासन नदी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. सभी तरह की सावधानियां बरती जा रही है. मध्य प्रदेश व झालावाड़ जिले के कुछ हिस्सों में पिछले 3 दिन से हल्की बारिश का दौर जारी है. इससे जहां नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है तो वहीं किसानों को भी खेतों में फसलों के नुकसान की चिंता सता रही है.
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राजस्थान में मॉनसून अपनी विदाई के दौर में
उल्लेखनीय है राजस्थान में मॉनसून अपनी विदाई के दौर में चल रहा है. प्रदेश में बारिश का दौर लगभग खत्म हो चुका है. इस बार राज्य में मॉनसून औसत रहा है. हालांकि मॉनसून की बारिश ने प्रदेश के औसत बारिश के आंकड़े को पार कर लिया है. लेकिन करीब आधा दर्जन जिले ऐसे हैं जिनमें औसत बारिश भी नहीं हुई है. प्रदेश में अमूमन 17 सितंबर के बाद मॉनसून विदाई लेना शुरू कर देता है. उसके बाद कुछ एक इलाकों में जरूर हल्की-फुल्की बारिश का दौर चलता रहता है. इस बार भी यही हो रहा है.
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