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सड़क पर तड़पकर कोई न तोड़े दम, चाचा की मौत पर ली थी कसम, तबसे हजारों जानें बचाने वाले इस शख्स से मिलिए

Jhunjhunu News: राजस्‍थान के झुंझुनूं के रहने वाले अशोक जांगिड़ पिछले 11 साल से घायलों को अस्‍पताल पहुंचाने का काम कर रह ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट: इम्तियाज अली

झुंझुनूं. राजस्‍थान के झुंझुनूं का एक शख्‍स कई साल से सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने में जी जान से जुटा हुआ है. वहीं, अपने इस जुनून के कारण वह पिछले 11 साल में हजारों लोगों की जान बचाने में सफल रहे हैं. दरअसल घायलों को तत्‍काल अस्पताल पहुंचने से समय पर इलाज मिल सका और जान बच गई. हालांकि इस काम की शुरुआत अकेले अशोक जांगिड़ ने की थी, लेकिन आज तीन दर्जन से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं. सभी ने मिलकर एक समिति भी बना ली. इससे जुड़े लोगों का बस एक ही संकल्प है कि किसी भी घायल की उपचार के अभाव में मौत नहीं हो.

इसके अलावा समिति से जुड़े लोग दिन रात एक्टिव रहते हैं, तो घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए दो एंबुलेंस लगा रखी हैं. इस काम के लिए किसी से एक रुपया भी नहीं लिया जाता. अशोक जांगिड़ के मुताबिक, सभी सदस्य हर महीने सदस्यता शुल्क के रूप में 200-200 रुपए जमा करवाते हैं.

11 साल में 5372 दुर्घटनाओं के 7200 घायलों को अस्पताल पहुंचाया
झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ कस्बे की जीवन ज्योति रक्षा समिति पिछले 11 साल से अस्तित्व में है. यह समिति सूरजगढ़ एरिया में हुई सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को अपनी एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाने का काम कर रही है. इन 11 सालों में करीब 5372 सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए 7200 लोगों को अस्पताल पहुंचाया. इनमें से करीब 6784 लोगों का जीवन बच सका. यह लोग आज भी समिति के पदाधिकारियों के एहसानमंद हैं. समिति के डायरेक्टर अशोक जांगिड़ कहते हैं कि इन 11 सालों में करीब 416 लोगों की जान चली गई. इसका दुख भी है, लेकिन उन्होंने अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी. आगे भी इसी संकल्प के साथ जुटे हुए हैं कि समय पर उपचार के अभाव में किसी की जान नहीं जाने देंगे.

जुनून के पीछे है कहानी
घायलों को अस्पताल पहुंचाने के इस जुनून के पीछे की कहानी बड़ी ही मार्मिक है. समिति के डायरेक्टर अशोक जांगिड़ कहते हैं कि 11 साल पहले 10 जनवरी 2006 को उनके चाचाजी ओमप्रकाश जांगिड़ लोहारू के पास एक दुर्घटना में घायल हो गए थे. वे डेढ़ घंटे तक सड़क पर तड़पते रहे. किसी ने भी उन्हें अस्पताल नहीं पहुंचाया, इसलिए उन्होंने दम तोड़ दिया था. बस उसी दिन ठान लिया था कि इलाज के अभाव में किसी की जान नहीं जाने देंगे. शुरुआत में लोगों की मदद से उनकी गाड़ी से घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम किया. शुरुआत अकेले की, लेकिन अब लोग जुड़ते जा रहे हैं.

मदद चाहिए तो करें ये काम
समिति ने इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर रखे हैं. अशोक जांगिड़ कहते हैं कि सूरजगढ़ एरिया में लोगों को समिति पर इतना अधिक विश्वास है कि वे पुलिस या 108 एंबुलेंस से पहले उन्हें फोन करते हैं. समिति ने इसके लिए व्हाट्सएप पर 14 ग्रुप बना रखे हैं. इनमें करीब चार हजार लोग जुड़े हुए हैं. इनके जरिए दुर्घटना की सूचना मिलती रहती है. इसके लिए मोबाइल नंबर 9413150640, 9772014400, 9887570861 और 9460842844 है. इन पर सूचना देने पर आपातकाल में तुरंत मदद मिलती है.

Tags: Government Hospital, Jhunjhunu news, Rajasthan news, Road Accidents

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