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आ गई बैटरी से चलने वाली JCB, 'माइलेज' भी कमाल, उठाती है 125 किलो वजन

जज्बा और जुनून हो तो क्या मुमकिन नहीं. राजस्थान के एक छोटे से इलाके में रहने वाले एक इंजीनियर ने बड़ा कारनामा कर दिखाया ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट – इम्तियाज अली

झुंझुनूं. प्रतिभा को अभाव रोक नहीं पाते, यह बात साबित करते हुए मिसाल पेश की मंडावा के सिविल इंजीनियर ललित ने. किफ़ायत और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ललित ने एक ऐसी मिनी जेसीबी मशीन बनाई है, जो बैटरी से चलेगी. इस जेसीबी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह संकरी गलियों में भी आसानी से पहुंच सकेगी. ललित के इस वर्किंग मॉडल को देखने स्टूडेंट्स अधिक आ रहे हैं. दिखने में भले ही यह लोडर जेसीबी खिलौने जैसी लगे, लेकिन ललित इसे बड़े काम की चीज़ बता रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि इससे कई हित एक साथ सध जाएंगे.

ललित पेशे से सिविल इंजीनियर हैं. महाराष्ट्र से इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग व ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग का काम सीखा. करीब ढाई साल की मेहनत के बाद उन्होंने मिनी जेसीबी का मॉडल तैयार किया, जो सफल रहा. पिछले कई सालों से पेट्रोल-डीज़ल व सीएनजी की गाड़ियां चल रही हैं. इनमें खर्चा भी ज्यादा होता है और पर्यावरण प्रदूषण भी. इससे निजात पाने के लिए ललित को रिचार्जेबल बैटरी से चलने वाली मिनी लोडर जेसीबी व बाइक बनाने का आइडिया आया.

क्या है इस जेसीबी का फायदा?

बैटरी एक बार चार्ज करने पर यह जेसीबी करीब चार घंटे तक चलेगी. इस मिनी जेसीबी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह संकरी गलियों में भी आसानी से पहुंच सकेगी. खेतों में छोटे-मोटे कामों में यह उपयोगी साबित होगी क्योंकि यह पांच फीट ऊपर तक करीब 125 किलो वजन उठा सकती है. स्पीड 15 किलोमीटर प्रति घंटा है और ललित कह रहे हैं कि इसकी कीमत ढाई लाख से शुरू हो जाएगी.

छोटी है लेकिन चीज बड़े काम की

मिनी लोडर जेसीबी देखने में बच्चों के खिलौने जैसी लगती है लेकिन है बड़े काम की है. ललित ने बताया कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार मिनी लोडर जेसीबी का मॉडल तैयार किया गया है. इसे अलग-अलग तरीके से काम में लिया जा सकता है और ज़रूरत के अनुसार इसमें अटैचमेंट लगाए जा सकते हैं. ललित लगातार किफायती और पर्यावरण फ्रेंडली मशीनों पर काम कर रहे हैं. मिनी जेसीबी के बाद वह और भी प्रोजेक्टों पर सक्रिय हैं.

बाइक जो स्कूटी में भी बदल सकती है

इलेक्ट्रिक बाइक ललित का अगला प्रोजेक्ट है, जाे स्कूटी का रूप भी ले सकती है. बाइक में स्कूटी की तरह ही सामान रखने के लिए डिग्गी भी बनाई गई है, जिसमें करीब 10 किलाे वज़न रखा जा सकता है. ललित का कहना है कि युवा वर्ग को पढ़ाई पूरी कर सरकारी नौकरियों के पीछे भागने की बजाय स्टार्टअप की पहल करनी चाहिए. इलेक्ट्रिक बाइक का नाम भगवान विष्णु व श्री कृष्ण के अवतार के नाम पर ललित ने इसका नाम मुकुंदा रखा है. उन्होंने अपनी कंपनी का नाम भी भारतीय संस्कृति के अनुसार रखा है.

Tags: Automobile, Jhunjhunu news

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