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इस्लामपुर का वृंदावनः यहां कृष्ण की भक्ति ऐसी कि बर्तन रखते ही दूध देने लगती थीं गायें

इस्लामपुर का वृंदावनः यहां कृष्ण की भक्ति ऐसी कि बर्तन रखते ही दूध देने लगती थीं गायें

Second Vrindavan Dham: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन की भगवान कृष्ण से जुड़ी मान्यताएं तो पूरे विश्व में प्रचलित हैं, लेकिन भारत में एक जगह ऐसी और भी है, जिसे देश का दूसरा वृंदावन कहा जाता है. जानिए कहां है देश का दूसरा वृंदावन धाम, जहां गाय के थन से अपने आप बहने लगता था दूध. जन्माष्टमी पर यहां तीन दिन होते हैं विशेष धार्मिक कार्यक्रम. लाखों श्रद्धालु बांके बिहारी जी के दर्शन करने उमड़ते हैं. यहां की मान्यताएं लोगों को आकर्षित करती हैं. कृष्ण भक्त मंदिर ढूंढते हुए यहां पहुंच जाते हैं.

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रिपोर्ट – इम्तियाज अली

झुंझुनू. उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित वृंदावन धाम पूरे विश्व में प्रसिद्ध है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में इसके अलावा भी एक वृंदावन धाम है. उसकी भी मान्यता मथुरा वाले वृंदावन धाम जैसी ही है. यहां भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है. जी हां देश का दूसरा वृंदावन धाम राजस्थान के झुंझुनू जिले में है. झुंझुनू जिले के इस्लामपुर कस्बे के नजदीक (9 किमी दूर) वृंदावन धाम स्थित है. यहां पर जन्माष्टमी के मौके पर हर साल मेला भरता है. तीन दिन विशेष धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रहती है. इनमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं.

देश के कोने-कोने से भक्त झुंझुनू के वृंदावन आते हैं. इसे दूसरा वृंदावन धाम कहने के पीछे एक बड़ी वजह जुड़ी हुई है. कहते हैं कि मथुरा के हरिदास जी महाराज ने अपने एक शिष्य को देश में दूसरा वृंदावन धाम स्थापित करने का आदेश दिया था. गुरुजी का आदेश सुनकर शिष्य पुरुषोत्तम दास जी ने 500 साल पहले इस्लामपुर के नजदीक काटली नदी के मुहाने पर इसकी स्थापना की थी. मान्यता है कि बाबा पुरुषोत्तम दास ने यहां एक पेड़ के नीचे तपस्या की थी. उस पेड़ के नीचे आसपास की गायें आकर रुकती थीं, जिनसे बाबा को बहुत स्नेह था. बाबा अपना कमंडल जैसे ही गाय के थनों के नीचे रख देते थे, वैसे ही गाय स्वत: ही दूध देने लगती थी. इसी से बाबा का जीवनयापन होता था. इसे लोग चमत्कार मानकर उनकी पूजा करने लगे. आज यह धाम पूरे देश में चर्चित है. देशभर से श्रद्धालु यहां आकर पूजा अर्चना करते हैं.

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Tags: Jhunjhunu news, Rajasthan news, Sri Krishna Janmashtami

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