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#IWD19: माउंट एवरेस्ट फतेह करने वाली पहली IAF ऑफिसर हैं राजस्थान की निवेदिता

#IWD19: माउंट एवरेस्ट फतेह करने वाली पहली IAF ऑफिसर हैं राजस्थान की निवेदिता

निवेदिता चौधरी.

निवेदिता चौधरी.

निवेदिता चौधरी राजस्थान की पहली महिला होने के साथ साथ भारतीय वायु सेना की भी पहली महिला अधिकारी हैं जिसने माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया है.

    ये है राजस्थान के झुंझुनूं जिले के मुकुंदगढ़ की रहने वाली निवेदिता चौधरी. निवेदिता के नाम जो रिकॉर्ड इतिहास में दर्ज है वो सालों तक युवाओं को, खासकर महिलाओं को प्रेरणा देता रहेगा. जब महिलाओं के लिए सोचा भी नहीं जा सकता था कि वे माउंट एवरेस्ट फतेह कर सकती है. तब निवेदिता ने यह काम करके दिखाया और जब उन्होंने एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया तब वे वायुसेना में देश की पहली महिला अधिकारी तथा राजस्थान की पहली महिला, जिन्होंने माउंट एवरेस्ट फतेह किया. 2008 में एयरफोर्स ज्वॉइन करने वाली निवेदता ने यह रिकॉर्ड 2011 में बनाया. जिसके बाद कई अन्य महिला अधिकारियों ने निवेदिता की प्रेरणा से यह काम किया है.

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    निवेदिता बताती है कि उन्होंने बचपन में केवल सोचा था कि वह प्लेन उड़ाएंगी. लेकिन विश्वास नहीं था कि प्लेन उड़ाने के साथ-साथ वे माउंट एवरेस्ट भी फतेह कर पाएंगी. स्कूल में एनसीसी कैडेट के रूप में जोश के साथ पढ़ाई पूरी कर जब कॉलेज पहुंची तो निवेदिता ने वहां भी एनसीसी ज्वॉइन की और एयर विंग में एडमिशन लिया. कॉलेज से पास आउट होने के बाद पहले ही प्रयास में वायु सेना में जाने का सपना साकार हो गया. इसके बाद जब उनके सामने माउंट एवरेस्ट फतेह करने का अवसर आया तो भी उन्होंने इसे छोड़ा नहीं. यही कारण है कि वे एयरफोर्स की पहली महिला अधिकारी बनी, जिसने माउंट एवरेस्ट फतेह किया है.

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    Nivedita Choudhary
    निवेदिता चौधरी. (फाइल फोटो)


    मेरे परिवार में कोई सेना में तो नहीं गया लेकिन मैं जिस मिट्टी से आती हूं, वहां पर कण-कण में शौर्यता भरी पड़ी है. यही कारण है कि पिता के मार्गदर्शन और हौसलाअफजाई ने मुझे नई राह दिखाई और अपना सपना पूरा कर सकी.
    निवेदिता चौधरी, स्कवाड्रन लीडर, एयरफोर्स


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    निवेदिता आने वाली युवा पीढ़ी को भी संदेश देते हुए कहती हैं कि सपना देखना एक बात है तो सपनों को हासिल करना दूसरी बात. सपने देखेंगे नहीं तो लक्ष्य नहीं मिलेगा. लेकिन उसे पूरा करने के लिए हमें जी तोड़ मेहनत भी करनी होगी. उन्होंने कहा कि वे फिजिकल फिट रहे. यह एम हमेशा उनके मन में रहता है. स्कूल टाइम में भी वे पांच सालों तक राजस्थान की बेस्ट एथलीट रही और राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व किया.

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    दो साल पहले ही वायु सेना से निवेदिता रिटायर हो गई है और एक बेटी की मां हैं. लेकिन अभी भी निवेदिता के सपने अधूरे हैं. वह चाहती है कि विश्व की सभी शीर्ष पहाड़ी चोटियों की चढ़ाई कर और नया कीर्तिमान बनाए. इसके लिए वे अभी भी जी तोड़ कोशिश कर रही है. हालांकि उनकी बेटी अभी छोटी है. लेकिन उनका खुद का जज्बा और लगन पहले से अधिक है. उन्होंने बताया कि फिजिकल फिटनेस, स्टेमिना और मोटिवेशन को वे हमेशा याद रखती है और उस पर काम भी करती हैं.

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    Tags: Indian Airforce, International Women Day, IWD, Mount Everest

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