'कम पैकेज की बहू', शादी के ल‍िए चाह‍िए कैसी दुल्‍हन और कहां से आती ये, जानें क्‍या है पूरा मामला

झुंझुनूं जिले के करीब करीब हर गांव में दूसरे राज्यों से इम्प्रोट कर लाई हुई बहुएं मिल जाएगी.

झुंझुनूं जिले के करीब करीब हर गांव में दूसरे राज्यों से इम्प्रोट कर लाई हुई बहुएं मिल जाएगी.

Rajasthan News: राजस्थान के आठ जिले सीकर, चूरू, झुंझुनूं जहां बेटियां कम हैं, वहीं सबसे ज्यादा महिलाएं खरीदी जा रही हैं. यहां दलालों के जरिए बहू लाने का बहुत बड़ा नेटवर्क खड़ा हो गया है। 50 हजार से 4 लाख रुपए तक में महिलाएं बेची जा रही हैं.

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बेटियों को कोख में मारने के लिए बदनाम राजस्थान अब इसके परिणाम भुगत रहा है. झुंझुनूं जिले के करीब करीब हर गांव में दूसरे राज्यों से इम्प्रोट कर लाई हुई बहुएं मिल जाएगी. खासतौर से झारखंड, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और बंगाल से खरीद कर लाई गई बहुएं हैं. दलालों के माध्यम से सौदेबाजी कर ये बहुएं लाई जाती है. बेटियों के कम होने, ज्यादा पढ़ा लिखा और खासतौर से महिला शिक्षा में अव्वल होने के कारण झुंझुनूं में खरीद-फरोख्त कर लाई गई बहुओं की संख्या बहुत अधिक है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है झुंझुनूं के मलसीसर थाना इलाके में.

झारखण्ड निवासी युवती को पुलिस को मिली है. दलालों ने उसको शादी के लिए बेचा था. प्रताड़‍ित करने पर घर से निकल गई. पुलिस उसकी युवती को झुंझुनूं के महिला अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित स्वाधार गृह में लाकर छोड़ दिया है. महिला दो माह की गर्भवती भी है. अब इसके परिजनों की तलाश की जा रही है.

गटगांव लातेहार चटकपुर झारखंड निवासी जलसी कुमारी, ज‍िनकी उम्र करीब 34 साल. झुंझुनूं के मलसीसर थाना इलाके के चिमनपुरा गांव में खरीदकर लाए और इसकी शादी की गई. युवती ने बताया कि चिमनपुरा गांव के राजकुमार शर्मा पुत्र महावीर शर्मा के साथ करीब तीन महीने पहले चूरू कोर्ट में विवाह किया गया. दलाल राहुल और लिछू ने शादी करवाई. राजस्थान के दलाल राहुल व दिल्ली के दलाल लीछू दो लाख पचास हजार में सौदा कर शादी करवाई गई. राजकुमार शर्मा हिमाचल में बिस्कुट की फैक्टरी में काम करता है. राजकुमार शादी के बाद चार मई 2021 को हिमाचल चला गया. उसके जाने के बाद राजकुमार की मां व जेठानी आदि उसे प्रताड़‍ित करने लगी. उसको खाने के लिए भोजन भी नहीं देते थे. ये युवती अनपढ़ है. घर से निकल गई, वह यहां पर किसी को जानती नहीं है. किसी तरह से मलसीसर थाने पहुंच गई. मलसीसर पुलिस युवती को स्वाधार गृह झुंझुनूं छोड़ गई.

स्वाधार गृह के संचालक राजेश अग्रवाल कहते है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. स्वाधार गृह में प्रवेश करवार अपने कार्य की इतिश्री कर ली. गृह में प्रवेश के बाद उपरोक्त महिला का स्वास्थ्य जांच करवाई गई, जिसमें यह महिला दो माह की गर्भवती है, महिला पहले से शादीशुदा है। अपने पति से तलाक हो चुका है। युवती 3 वर्ष का एक लडक़ा है, जो अपनी नानी के साथ झारखण्ड में रहता है उपरोक्त महिला अपने लिए न्याय मांग रही है और अपने घर झारखण्ड जाना चाहती है.
जानें कैसा है दलालों का नेटवर्क

राजस्थान के आठ जिले सीकर, चूरू, झुंझुनूं जहां बेटियां कम हैं, वहीं सबसे ज्यादा महिलाएं खरीदी जा रही हैं. यहां दलालों के जरिए बहू लाने का बहुत बड़ा नेटवर्क खड़ा हो गया है। 50 हजार से 4 लाख रुपए तक में महिलाएं बेची जा रही हैं.

- झुंझुनूं जिला बहुत पढ़ा लिखा हुआ और महिला शिक्षा में अग्रणी जिला है. लड़किया ज्यादा योग्‍य और पढ़ी लिखी हो गई, नौकरी में बहुत ज्यादा लड़किया हैं ऐसे में लड़कों की शादी होना मुश्किल हो गई है.



- यहां समाजों ने घोषित नियम लागू कर दिए, बेटी देने पर बहू मिलती है. जिसके घर बेटी नहीं उसे बहू भी नहीं मिलती.

- ज्यादातर महिलाएं पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ से राजस्थान में लाई जा रही हैं.

- गरीबी के चलते इन राज्यों में बच्चों का पेट पालना मुश्किल होता है. ऐसे में दलालों के माध्यम से जरूरतमंद इन राज्यों की महिलाओं से शादी कर ले आते हैं.

पैकेज पर कराते हैं शादी

- कम पैकेज में दलाल ऐसी बहुएं ब्याह देते है जो पहले से दो-तीन शादी कर चुकी होती हैं.

- बहू लाने के ल‍िए बहुत बड़ा नेटवर्क खड़ा हो गया है. 50 हजार से 4 लाख रुपए तक में महिलाएं बेची जा रही हैं.

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