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शहीद राजेन्द्र सिंह की पार्थिव देह पहुंची झुंझुनूं, शनिवार को किया जाएगा अंतिम संस्कार

शहीद राजेन्द्र सिंह की पार्थिव देह पहुंची झुंझुनूं, शनिवार को किया जाएगा अंतिम संस्कार

राजेंद्र पिछले करीब 8 साल से जम्मू कश्मीर में ही तैनात होकर देश सेवा कर रहे थे.

राजेंद्र पिछले करीब 8 साल से जम्मू कश्मीर में ही तैनात होकर देश सेवा कर रहे थे.

जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के तंगधरा क्षेत्र में हिमस्खलन की चपेट में आने से शहीद (martyr) हुए झुंझुनूं के लाडले राजेन्द्र सिंह (Rajendra Singh) की पार्थिव देह को शुक्रवार को सेना (Army) के हेलीकॉप्टर से झुंझुनूं (Jhunjhunun) लाया गया.

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झुंझुनूं. जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के तंगधरा क्षेत्र में हिमस्खलन की चपेट में आने से शहीद (martyr) हुए झुंझुनूं के लाडले राजेन्द्र सिंह (Rajendra Singh) की पार्थिव देह को शुक्रवार को सेना (Army) के हेलीकॉप्टर से झुंझुनूं (Jhunjhunun) लाया गया. हवाई पट्टी पर जिला कलेक्टर रवि जैन और एसपी गौरव यादव ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की. शनिवार को सुबह शहीद के पैतृक गांव ढहरवाला में अंतिम संस्कार (Funeral) किया जाएगा. रात ही पार्थिव देह को झुंझुनूं में ही रखा जाएगा.

15 दिन पूर्व ही वापस ड्यूटी पर गए थे
शहीद राजेन्द्र सिंह झुंझुनूं के खेतड़ी उपखंड के हरडिय़ा ग्राम पंचायत की ढाणी ढहरवाला के रहने वाले थे. शनिवार को सुबह शहीद की पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा. राजेन्द्र सिंह गत 8 साल से कश्मीर में तैनात थे. वे पिछले दिनों दो माह के लिए विशेष प्रशिक्षण के लिए दिल्ली आए थे. उसके बाद 10 दिन की छुट्टी बिताकर 15 दिन पूर्व ही वापस जम्मू-कश्मीर ड्यूटी पर गए थे.

बेटे के जन्मोत्सव पर प्रीतिभोज की कह कर गए थे
शहीद के चाचा जगदीश सिंह के अनुसार राजेंद्र पिछले करीब 8 साल से जम्मू कश्मीर में ही तैनात होकर देश सेवा कर रहा था. हाल ही में छुट्टी बिताकर वापस जाते समय राजेंद्र ने अगली बार छुट्टी आने पर बेटे के जन्मोत्सव पर प्रीतिभोज कार्यक्रम करने की बात कही थी. लेकिन बुधवार को हिमस्खलन में राजेन्द्र सिंह समेत पड़ोसी जिले चूरू के कमल कुमार शहीद हो गए.

2003 में हुआ था विवाह
राजेंद्र सिंह का विवाह 2003 में गोरधनपुरा निवासी सरोज देवी के साथ हुआ था. राजेंद्र सिंह के 14 वर्ष की बेटी अंशु और 4 माह का बेटा है. बेटी आठवीं कक्षा में पढ़ती है. शहीद राजेंद्र सिंह के पिता रोहताश कृष्णिया का करीब आठ साल पूर्व तथा माता रजकौरी का करीब तीन साल पूर्व देहांत हो चुका है. शहीद राजेंद्र सिंह एक छोटा भाई किशनलाल है जो गांव में ही रहकर खेती बाड़ी का कार्य करता है.

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Tags: Indian army, Jammu kashmir, Jhunjhunu news, Martyrs' Day, Rajasthan news

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