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मंत्री मेघवाल के सामने दलित नेता ने दी चेतावनी, केस वापस नहीं हुए तो फिर दोहराया जा सकता है 2 अप्रैल

मंत्री मेघवाल ने भी हिंसक आंदोलन को लेकर विवादास्पद बयान दिया. मेघवाल ने 2 अप्रेल के दिन को काला दिन बताते हुए कहा कि उस दिन दलित समाज ने पूरे देश में अलख जगाई. फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

मंत्री मेघवाल ने भी हिंसक आंदोलन को लेकर विवादास्पद बयान दिया. मेघवाल ने 2 अप्रेल के दिन को काला दिन बताते हुए कहा कि उस दिन दलित समाज ने पूरे देश में अलख जगाई. फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

दलित समाज (Dalit society) ने चेतावनी (Warning) दी है कि अगर 2 अप्रैल, 2018 को भारत बंद के दौरान समाज के युवाओं पर लगाए गए मुकदमे (Cases) वापस नहीं लिए गए तो राजस्थान (Rajasthan) में फिर से '2 अप्रैल' को दोहराया (Repeated) जाएगा.

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झुंझुनूं. दलित समाज (Dalit society) ने चेतावनी (Warning) दी है कि अगर 2 अप्रैल, 2018 को भारत बंद के दौरान समाज के युवाओं पर लगाए गए मुकदमे (Cases) वापस नहीं लिए गए तो राजस्थान (Rajasthan) में फिर से '2 अप्रैल' को दोहराया (Repeated) जाएगा. दलित समाज के नेताओं ने यह चेतावनी राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री भंवरलाल मेघवाल (Cabinet Minister Bhanwarlal Meghwal) के सामने दी. इसके बाद मंत्री भंवरलाल ने बात को संभालने की कोशिश की, लेकिन नेताओं ने कहा कि मेघवाल झूठे दिलासे (False assurance) दे रहे हैं. अभी तक प्रदेश सरकार (State government) ने मुकदमों को वापस लेने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है.

मंत्री मेघवाल ने भी दिया विवादास्पद बयान
यह पूरा मामला रविवार शाम को झुंझुनूं मुख्यालय पर आम्बेडकर भवन में आयोजित अनुसूचित जाति के लोगों के हुए सम्मेलन में सामने आया. इसमें राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री भंवरलाल मेघवाल भी शामिल हुए थे. इस दौरान मंत्री मेघवाल ने भी हिंसक आंदोलन को लेकर विवादास्पद बयान दिया. मेघवाल ने 2 अप्रैल के दिन को काला दिन बताते हुए कहा कि उस दिन दलित समाज ने पूरे देश में जो अलख जगाई, उसी का नतीजा है कि अब 3 जजों की पीठ ने हमारे पक्ष में फैसला दिया है.

कुछ केस कोर्ट से विड्रा भी किए जा रहे हैं
मंत्री मेघवाल ने कहा कि दलित समाज के युवाओं ने 2 अप्रैल, 2018 को भावेश में आकर नारे लगा दिए थे. इस संदर्भ में मुख्यमंत्री से बातचीत की है. कुछ केस कोर्ट से विड्रा भी किए जा रहे हैं और पुलिस जांच में भी एफआर लगवाई जा रही है. उन्होंने दावा किया है कि काफी हद तक प्रदेश की सरकार दलित समाज को राहत देगी. उन्होंने कहा कि समाज की प्रतिष्ठा के लिए 2 अप्रैल को वह कदम उठाया गया था. इस दौरान लगाए गए मुकदमों को लेकर वे चिंतित हैं और इस दिशा में जल्द ही सरकार की ओर से सकारात्मक परिणाम सभी को दिखेंगे.

मंत्री के आश्वासन को किया खारिज
मंत्री के इस आश्वासन को खारिज करते हुए दलित नेता और रिटायर्ड अधिकारी इंद्राज मेघवाल ने कहा है कि मेघवाल झूठे दिलासे दे रहे हैं. पूर्ववर्ती सरकार की तरह गहलोत सरकार भी इन मुकदमों को लेकर कोई कदम नहीं उठा रही है. वर्तमान सरकार ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं. उन्होंने मंत्री उपस्थिति में चेतावनी देते हुए कहा यदि मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो एक बार फिर 2 अप्रैल की पुनरावृत्ति होगी और यह आंदोलन भी आने वाली 2 अप्रैल से शुरू किया जाएगा.

2 अप्रेल, 2018 को देशभर में हुआ था बवाल
उल्लेखनीय है कि 2 अप्रैल, 2018 को सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के खिलाफ राजस्थान समेत पूरे देश में दलित समाज के लोगों ने जमकर बवाल किया था. उस वक्त दलित समाज के युवाओं पर बड़ी संख्या में मुकदमे दर्ज किए गए थे. इनमें काफी संख्या में राजस्थान में भी मामले दर्ज हुए थे. अब इन मुकदमों को वापस लेने की मांग हो रही है.

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