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Jhunjhunu News : कोरोना प्रभावितों के बहाने प्रशासन ने ढूंढ निकाले 1250 जरूरतमंद परिवार

जिला कलेक्टर की इस पहल से कई बच्चों को बड़ा सहारा मिलने वाला है.

जिला कलेक्टर की इस पहल से कई बच्चों को बड़ा सहारा मिलने वाला है.

Meaningful initiative : मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना के तहत मदद देने के लिए प्रशासन ने कोरोना से अपनों को खोने वाले बच्चों और परिवारों का ढूंंढ़ना शुरू किया तो उनके समक्ष बहुत से परिवार आए जो वास्तव जरुरतमंद हैं. हालांकि ये वे हैं, जिन्होंने अन्य बीमारियों से अपनों को खोया है.

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झुंझुनूं. जिला कलेक्टर यूडी खान की एक पहल ने जिले के एक हजार से अधिक परिवारों की जिन्दगी बदल दी है.  ये वो लोग हैं जो वास्तव में पीड़ित है, उन्हें सहायता की जरूरत है. लेकिन ये परिवार सरकारी तंत्र को नहीं जानते थे या ये परिवार किसी कारण से प्रशासन तक नहीं पहुंच पाए. इसलिए उन्हें सरकारी सहायता नहीं मिल पाई. लेकिन कलेक्टर के एक कदम ने इन्हें ढूंढ निकाला.

मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना के तहत प्रशासन ने कोरोना के कारण अपनों को खोने वाले बच्चों और परिवारों का ढूंंढ़ना शुरू किया तो उसके सामने बहुत से ऐसे परिवार आए जो वास्तव जरुरतमंद हैं और उन्हें सहायता की जरूरत है. हालांकि ये वे हैं, जिन्होंने अन्य बीमारियों से अपनों को खोया है. कलक्टर ने ऐसे 1250 परिवारों को अन्य योजनाओं से सहायता देने की पहल की है.

कोरोना में अपनों को खोने वाले 156 बच्चे
जिला कलेक्टर यूडी खान ने नई पहल की और पूरे जिले में एक अभियान चला दिया. इस अभियान में 1250 से अधिक ऐसे लोगों को खोज डाला, जिनको सहायता की जरूरत थी. बिना जानकारी के वे सहायता नहीं ले पा रहे थे. कोरोना से अपनों को खोने वाले 156 बच्चे हैं.

दूसरी योजनाओं से दी जाएगी सहायता
जिला कलेक्टर ने दो कदम आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना के साथ-साथ अब जिले में अन्य बीमारियों से भी अपने माता पिता को खोने वाले बच्चों को तलाश कराया है, ऐसे परिवारों की भी तलाश की गई है, जो किसी भी प्रकार की सहायता के लिए जरूरतमंद हैं. जो परिवार किसी भी कारणवश सहायता नहीं ले पाया हो. जिला प्रशासन पूरी तरह से पीड़ित परिवारों को तलाश रहा है और घर घर पहुंचकर उनकी कागजी कार्यवाही की जा रही है. ऐसे परिवारों को अब सामाजिक सुरक्षा पेंशन और पालनहार योजना के जरिए सम्बल दिया जाएगा.

एक पहल ने बदली सैकड़ों परिवारों की जिंदगी
जिला कलेक्टर के इस फैसले ने जिले के एक हजार से अधिक परिवारों की जिन्दगी बदल दी है. अब झुंझुनूं जिला प्रशासन इनके साथ सारथी की तरह मददगार बनकर खड़ा हो गया है. कलेक्टर ने दस परिवारों को तो सहायता राशि प्रदान कर दी है. जिला प्रशासन ने खुद पहल कर चार विभागों के अधिकारियों को लगाकर सर्वे पूरा करवाया. जिले में 1250 से अधिक बच्चे को खोज निकाला है.

मदद देने के लिए चार विभागों को जिम्मेदारी
जिला कलेक्टर खान ने बताया कि पीड़ित परिवारों के घर घर पहुंचकर प्रशासन फार्म भरवा रहा है. महिला अधिकारिता विभाग की महिला कार्यकर्ता स्वयं घर पहुंच रही हैं और उनकी सरकारी सहायता के लिए सभी प्रकार कागजी कार्रवाई की जा रही है. ताकि इन परिवारों को कोई परेशानी नहीं हो. इन परिवारों की सहायता के लिए बाकायदा चार विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. किसी भी कारण से कोई भी जरुरतमंद वंचित नहीं रहे, इसके लिए फिर से सर्वे करवाया जा रहा है.

सर्वे में मिले अनाथ बच्चे और विधवाएं
जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना का सर्वे करवाया. तब गांवों में बहुत से परिवार और बच्चे ऐसे भी सामने आए, जो अनाथ थे. बहुत सी महिलाएं विधवा थीं और एकल जीवनयापन कर रही हैं. इसी तरह से घर में कोई भी कमाने वाला नहीं है. पिता या पति की मौत होने के बाद वे दयनीय जीवन जी रहे हैं.

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