झुंझुनूं: इंजीनियर छात्र बेच रहा ऑनलाइन सब्जियां, लोगों से मिल रहा अच्छा रिस्पॉन्स
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झुंझुनूं: इंजीनियर छात्र बेच रहा ऑनलाइन सब्जियां, लोगों से मिल रहा अच्छा रिस्पॉन्स
झुंझुनूं में इंजीनियर छात्र बेच रहा ऑनलाइन सब्जियां (फाइल फोटो)

छात्र प्रवीण ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया तो कुछ नया और क्रिएटिव करने का दिमाग में ख्याल आया. क्योंकि लॉकडाउन के चलते वह घर पर आया हुआ था तो पार्ट टाइम काम करने के लिए सब्जी बेचने का कार्य किया गया. लोगों का काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है.

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झुंझुनूं. कोरोना वायरस महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi) ने जब से आत्मनिर्भर बनने का संदेश भारतवासियों को दिया, तब से हर एक भारतवासी अपने स्तर पर कुछ न कुछ नया करने का सोच रहे हैं. ऐसे में खेतड़ी कस्बे के वार्ड नंबर 10 निवासी प्रवीणकुमार जो हैदराबाद में एनआईटी वरंगल में इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक की पढ़ाई कर रहा है. उसने देशवासियों को आत्मनिर्भर बनने का अनोखा संदेश दे डाला. प्रवीण ने कस्बे में ऑनलाइन सब्जी (Online Vegetables) का बिजनेस शुरू किया है. व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्रतिदिन सब्जी और फल फ्रूट के रेट लोगों को भेज कर सस्ती शुद्ध और ताजे फल सब्जी बेचने का कार्य कर रहा है. प्रवीण ने बताया कि घर बैठे लोगों को ये सुविधा दी जा रही है और 10 प्रतिशत डिस्काउंट भी दिया जा रहा है.

छात्र प्रवीण ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया तो कुछ नया और क्रिएटिव करने का दिमाग में ख्याल आया. क्योंकि लॉकडाउन के चलते वह घर पर आया हुआ था तो पार्ट टाइम काम करने के लिए सब्जी बेचने का कार्य किया गया. लोगों का काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है. लोगों का भी कहना है घर बैठे सस्ती वह अच्छी सब्जी मिलती है तो स्टे होम की भी पालना होती है. बाजार की भीड़ में नहीं जाना पड़ता तथा सब्जी खरीदने के लिए दुकानों पर भी भीड़ कम रहेगी, जिससे महामारी से संक्रमित होने का खतरा भी नहीं रहेगा.

काम कोई छोटा नहीं होता मन से करो सफलता मिलेगी
प्रवीण ने बताया कि ऑनलाइन सब्जी बेचने का जब आईडिया आया तो कई लोगों ने कहा इंजीनियरिंग के बाद सब्जी ही बेचोगे क्या? लेकिन मैंने उन्हें समझाया कि कोई काम छोटा नहीं होता बशर्ते मन से किया जाए तो सफलता भी मिलेगी. आत्मनिर्भरता भी मिलेगी तथा दूसरों को रोजगार भी देने में सक्षम होंगे इसलिए अब सुबह से ही सब्जी खरीदने वालों के व्हाट्सएप पर मैसेज आने शुरू हो जाते हैं तथा मन में भी खुशी होती है कि अपने गांव में जब महामारी की वजह से लोग बाहर नहीं निकलना चाहते इसलिए उनको घर में सब्जी पहुंचा कर बहुत खुशी मिलती है.



लोकल वोकल आसपास ही है


छात्र प्रवीण ने बताया कि प्रधानमंत्री ने लोकल और वोकल का जिक्र अपने भाषण में किया था. हमारे आस-पास ही लोकल वोकल मौजूद है. कई ऐसे काम है जो हम लोकल स्तर पर कर सकते हैं. भारत में तेजी से बढ़ते डिजीटल युग में पूरी मेहनत के साथ कोई भी काम को आगे बढ़ाया जाए तो वही आगे चलकर हमारा एक अच्छा ब्रांड भी बन सकता है. काम कोई भी हो, छोटा या बड़ा नहीं होता है.

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