डिलिवरी में देरी की बात कह प्रसूता को भेजा घर, रास्ते में बनीं मां

पवन शर्मा | ETV Rajasthan
Updated: August 13, 2017, 6:51 PM IST
डिलिवरी में देरी की बात कह प्रसूता को भेजा घर, रास्ते में बनीं मां
अस्पताल के बाहर हंगामा करते ग्रामीण.
पवन शर्मा | ETV Rajasthan
Updated: August 13, 2017, 6:51 PM IST
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बिसाऊ थाने के महनसर सीएचसी में चिकित्सक और कर्मचारियों ने मानवता को शर्मसार करने वाला काम किया है. सीएचसी में एक गरीब परिवार की प्रसूता डिलिवरी के लिए आई तो उसे वहां से यह कहकर हटा दिया गया कि उनके यहां सुविधा नहीं है और डिलिवरी में अभी देरी है.

इस सबके बाद प्रसूता के परिवार वाले किराये पर एक गाड़ी लेकर घर लौट रहे थे तभी रास्ते में प्रसूता ने बच्चे को जन्म दे दिया. यही नहीं जिस नर्स सरिता मील ने प्रसूता को अस्पताल से निकाला था वो भी उसी रास्ते से निकल रही थी, लेकिन वह प्रसूता व नवजात की अनदेखी कर निकल गई.

जैसे ही यह खबर गांव में लोगों को पता चली सभी ग्रामीण सीएचसी पर इकट्ठे हो गये ओर वहां हंगामा खड़ा कर दिया. चिकित्सा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और सभी कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया.

मौके पर पुलिस की ओर से एएसआई मोतीलाल, चिकित्सा विभाग की ओर से डॉ. वेदप्रकाश शर्मा तथा प्रशासन की ओर से मलसीसर तहसीलदार जीतू सिंह मीणा पहुंचे. डॉ. शर्मा ने शुरुआती जांच में लापरवाही मानी है और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है. वहीं मीणा की जांच में 21 में से 18 चिकित्सा अधिकारी और कर्मचारी नदारद मिले.

यही नहीं आज प्रदेश के चिकित्सा मंत्री कालीचरण सर्राफ झुंझुनूं जिले के दौरे पर हैं. ग्रामीणों की माने तो इस अस्पताल में चिकित्सकों व कर्मचारियों के द्वारा कार्यालय के समय ताश खेली जाती है और शाम को शराब पार्टी भी होती रहती है. अस्पताल में 24 कर्मचारियों की तैनाती के बावजूद अक्सर कर्मचारी और डॉक्टर गायब मिलते हैं.
First published: August 13, 2017
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