नवलगढ़ में BJP-कांग्रेस उम्मीदवार जीतेंगे या राजकुमार शर्मा बनाएंगे हैट्रिक!

नवलगढ़ में कांग्रेस की प्रतिभा को हराकर पिछले 10 सालों से राजकुमार शर्मा विधायक हैं, बीजेपी का खाता कभी नहीं खुला. इसलिए बीजेपी भी पूरा जोर लगा रही है. इस बार आम आदमी पार्टी भी नवलगढ़ मेंअपने लिए संभावनाएं तलाश रही है.

News18 Rajasthan
Updated: September 14, 2018, 8:07 PM IST
नवलगढ़ में BJP-कांग्रेस उम्मीदवार जीतेंगे या राजकुमार शर्मा बनाएंगे हैट्रिक!
नवलगढ़ विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा.
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Updated: September 14, 2018, 8:07 PM IST
राजस्थान में चुनाव का बिगुल बज चुका है. तारीखों की घोषणा से पहले सभी राजनैतिक पार्टियां कमर कस कर मतदाताओं के बीच में पहुंचने की कसरत में लगी हैं. ऐसा ही माहौल झुंझूनूं जिले की नवलगढ़ विधानसभा में भी देखने को मिल रहा है. चौक-बाजार और चाय की नुक्कड़ों पर सबकी अपनी अपनी राय है. झुंझूनूं जिले में स्थित नवलगढ़ राजधानी जयपुर से लगभग 140 किलोमीटर की दूरी पर है. नवलगढ़ की अपनी प्राचीन पहचान है. हवेलियों के लिए मशहूर इस छोटे से शहर में सभी बड़ी सियासी पार्टियों के लिए फिलहाल करो या मरो की स्थिती है.

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ऐसा इसलिए है कि नवलगढ़ में लोगों का रूझान पार्टी में ना होकर व्यक्ति विशेष में ज्यादा है. यही कारण है कि नवलगढ़ में निर्दलीय विधायक है जो पहले कांग्रेस में रह चुके हैं और इस बार फिर से कांग्रेस टिकट की चाहत लेकर मैदान फतेह करना चाहते हैं.

बीजेपी का खाता यहां कभी खुला नहीं. इसलिए बीजेपी भी पूरा जोर लगा रही है. इस बार आम आदमी पार्टी भी नवलगढ़ मेंअपने लिए संभावनाएं तलाश रही है. कुल मिलाकर इस निर्दलीय सीट पर सबका अपना अपना दावा है. आम आदमी पार्टी को छोड़कर फिलहाल दोनों ही बड़ी पार्टियों ने यहां किसी को टिकट देने की घोषणा नहीं की है. इसलिए दोनों ही पार्टियों से एक से ज्यादा उम्मीदवार टिकट के लिए दावा कर रहे हैं और खुद को टिकट का सबसे प्रबल दावेदार मान रहे हैं.

राजकुमार शर्मा वर्तमान निर्दलीय विधायक हैं जो शुरुआती दौर में बसपा में थे फिर कांग्रेस में चले गए. राजकुमार शर्मा निर्दलीय रहते हुए नवलगढ़ में रिकॉर्ड मतों से जीते थे. वो भी उस समय जब बीजेपी ने भारी बहुमत से अपनी सरकार बनाई थी. फिलहाल शर्मा अकेले नहीं है जो कांग्रेस से टिकट की उम्मीद लगाकर बैठे हैं बल्कि तारा देवी भी आशवस्त है कि उन्हे कांग्रेस टिकट जरूर देगी.


Nawalgarh

बीजेपी की तरफ से युवा नेता रवि सैनी और महावीर सिंह शेखावत टिकट के लिए कोशिश करते नज़र आ रहे हैं और आम आदमी पार्टी की तरफ से बिजेन्द्र सिंह डोटासरा बदलाव की बात कहकर आप से टिकट ले चुके है. इस शहर की अपनीसमस्याएं हैं. थोड़ी सी बारिश में शहर पानी पानी हो जाता है. वर्तमान विधायक ने कहने को सेटेलाइट हॉस्पिटल का निर्माण करवाया ज़रूर है लेकिन आम लोगों का कहना है कि हॉस्पिटल में सैटेलाइट जैसा कुछ नहीं है. शहर की सड़कें जगह जगह से खुदी हुई हैं और कानून व्यवस्था को लेकर भी लोगों में रिपोर्ट बहुत ज्यादा अच्छी नहीं है. जातिगत समीकरण नवलगढ़ विधानसभा चुनावों में बेहद मायने रखते है. यहां की आबादी सवा दो लाख से ऊपर है.

नवलगढ़ में जातिगत समीकरण
जाट 65000
माली 35000
मुस्लिम 25000
एससी-एसटी 32000
राजपूत 15000
ब्राह्मण 15000
गुर्जर 12000
महाजन 10000
कुमावत 13000
जांगिड़ 15000
अन्य 12000


जाट वोट फेक्टर इस विधानसभा चुनावों की दशा और दिशा तय करता है. हालांकि ये अपवाद है कि वर्तमान विधायक ब्राहमण समाज से आते हैं और लगातार दो बार से विधायक हैं. फिलहाल हालात बेहद बदले हुए हैं और इस बार दोनों बड़ी पार्टियों के उम्मीदवार निर्दलीय की परपंरा को खत्म करने का दावा कर रहे हैं.

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