लाइव टीवी

राजस्थान में शहीदों के प्रति श्रद्धा का जज्बा, झुंझुनूं में तैयार हो रही है शहीदों की बटालियन
Jhunjhunu News in Hindi

Imtiyaz Bhati | News18 Rajasthan
Updated: March 1, 2019, 2:56 PM IST
राजस्थान में शहीदों के प्रति श्रद्धा का जज्बा, झुंझुनूं में तैयार हो रही है शहीदों की बटालियन
फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

झुंझुनूं के खुडानिया गांव में पिछले करीब एक साल से मूर्तिकार वीरेंद्र सिंह शेखावत शहीदों की पूरी बटालियन तैयार करने में जुटे हैं. इस बटालियन में सेना की विभिन्न यूनिट और बटालियनों के जवान एक साथ मौजूद हैं. अभी तक करीब 400 मूर्तियां बन चुकी हैं.

  • Share this:
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के खुडानिया गांव में पिछले करीब एक साल से मूर्तिकार वीरेंद्र सिंह शेखावत शहीदों की पूरी बटालियन तैयार करने में जुटे हैं. इस बटालियन में सेना की विभिन्न यूनिट और बटालियनों के जवान एक साथ मौजूद हैं. इस बटालियन की पृष्ठभूमि में तिरंगा लहरा रहा है. अभी इस बटालियन में करीब 400 ज्यादा जवान और अधिकारी शामिल हो चुके हैं. यह आंकड़ा 1100 तक पहुंचने वाला है.

वीरांगना गट्टूदेवी की दास्तां: पति की शहादत के 57 साल बाद उतारे सुहाग चिन्ह

ये उन शहीदों की प्रतिमाएं हैं, जिन्होंने अपना सर्वस्व देश के लिए न्यौछावर कर दिया. प्रदेश की पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार में सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष रहे प्रेम सिंह बाजोर इन प्रतिमाओं को अपने खर्चे पर बनवा रहे हैं. ये प्रतिमाएं इन शहीदों के गांवों में लगाई जा रही हैं. बाजोर ने प्रदेश के करीब 1100 शहीदों की प्रतिमाएं बनवाने का बीड़ा उठाया है. इस पर करीब 25 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं. इसके बाद राजस्थान देश का ऐसा अकेला राज्य बन जाएगा, जहां के तमाम शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित होंगी. इस काम को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने की तैयारी भी की जा रही है.

धनूरी के 18 बेटों ने दी है देश के लिए शहादत, सैनिकों की खान है झुंझुनूं का यह गांव

ABHINANDAN: पाकिस्तान से रिहा हो रहा अभिनंदन, NEWS18 राजस्थान पर LIVE देखें, बॉर्डर पर स्वागत


शहीदों की बटालियन। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।धनूरी से शुरू की थी शहीद सम्मान यात्राबाजौर ने 1 अप्रैल, 2017 में झुंझुनूं के धनूरी गांव से शहीद सम्मान यात्रा शुरू की थी. धनूरी गांव से सर्वाधिक शहीद हैं. इस दौरान बाजौर ने देखा कि करगिल युद्ध के बाद के अधिकांश शहीदों की प्रतिमाएं लग चुकी हैं, लेकिन 1999 से पहले के प्रदेश के करीब 1100 शहीदों की प्रतिमाएं नहीं हैं. ऐसा इसलिए था क्योंकि पहले तो शहीदों की केवल ड्रेस आती थी. इस पर बाजौर ने तय किया कि वे ऐसे सभी शहीदों की प्रतिमाएं अपने खर्चे से बनवाएंगे.

दुश्मन देश में बारूद से भरी ट्रेन लेकर घुस गया था ये जांबाज, पढ़ें- पायलट दुर्गाशंकर की दास्तां

शहीदों की प्रतिमा के साथ मूर्तिकार वीरेन्द्र सिंह। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।


बीकानेर के बज्जू इलाके में दिखा ड्रोन! जैसलमेर में वॉर म्यूजियम किया गया बंद

हर शहीद की प्रतिमा लगवाने का किया है फैसला
इसके बाद से बाजौर ने खुडानिया निवासी वीरेंद्र सिंह शेखावत को शहीदों की प्रतिमाएं बनाने का काम सौंपा. बकौल बाजोर शहीद सम्मान यात्रा के दौरान शहीदों के घरों तक पहुंचा तो कई जगह शहीदों की बूढ़ी मांओं ने कहा, 'म्हारै बेटे री मूरती तो लगवा दो बाजौर साब!'. बस उसी दिन फैसला कर लिया कि हर शहीद की प्रतिमा लगवाऊंगा.

प्रेम सिंह बाजोर। फाइल फोटो।


भारत-पाक बॉर्डर पर जैसलमेर में पकड़ा संदिग्ध व्यक्ति, हवाई सेवाएं हुईं बहाल

40 से 50 साल पहले शहीद हुए कई जवानों की मूर्तियां लग रही हैं
बाजौर के इस फैसले के बाद 40 से 50 साल पहले शहीद हुए कई जवानों की मूर्तियां भी लग रही हैं. इससे उनके परिजन खुश हैं. हाल ही में ऐसे ही एक शहीद जोधपुर के पीपाड़ तहसील के खांगटा गांव के भीकाराम ताडा की मूर्ति लगाई गई है. अभी जैसे-जैसे शहीदों की फोटो मिल रही है उसी हिसाब से उनकी मूर्तियां बनाने का काम चल रहा है. अभी तक 315 मूर्तियां बन चुकी हैं. चार शहीदों की मूर्तियां हाल ही में तैयार कर जोधपुर संभाग में भिजवाई गई हैं.

नाचना में पकड़े गए संदिग्ध युवक को जांच एजेंसियों को सौंपा, अजमेर भी पकड़ा संदिग्ध

सीएम गहलोत का एक और मास्टर स्ट्रोक, सरकार 2 मार्च को करेगी गोरक्षा सम्मेलन

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए झुंझुनूं से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 1, 2019, 2:46 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर