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इंटरव्यू से पहले हुआ डेंगू, नहींं मानी हार, अब Amazon से किसान के बेटे को मिला 1.06 करोड़ का पैकेज

Sikar News: सीकर के सौरभ कुल्हरि को अमेजन कंपनी के लंदन ऑफिस में 1.06 करोड़ का सालाना पैकेज मिला है.

Sikar News: सीकर के सौरभ कुल्हरि को अमेजन कंपनी के लंदन ऑफिस में 1.06 करोड़ का सालाना पैकेज मिला है.

Saurabh Kulhari Success Story: झुंझुनूं के सौरभ कुल्हरी को अमेजन कंपनी की ओर से 1.06 करोड़ का सालाना पैकेज (Saurabh kul ...अधिक पढ़ें

    झुंझुनूं. झुंझुनूं के लाल सौरभ कुल्हरी (Saurabh Kulhari) ने कमाल कर दिखाया है. सौरभ के माता-पिता दोनों खेती करते हैं और सौरभ को अमेजन कंपनी के लंदन ऑफिस में 1.06 करोड़ का सालाना पैकेज मिला है. सौरभ अमेजन में सॉफ्टवेयर डेवलपर (Software developer) का काम देखेंगे. अमेजन में इंटरव्यू से पहले उन्हें डेंगू हो गया, कमजोरी के बावजूद उन्होंने इंटरव्यू दिया और सफलता हासिल की. अभी सौरभ आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) में आखिरी साल की पढ़ाई कर रहे हैं.

    सौरभ के मुताबिक अगले साल पढ़ाई पूरी होने के बाद अमेजन कंपनी में नौकरी जॉइन करुंगा. सौरभ को इसके पहले भी एपीटी पोर्टफोलियो कंपनी में 50 लाख का पैकेज मिल चुका है.

    मम्मी-पापा ने हैसियत से अच्छी शिक्षा दिलाई
    अमेजन में नौकरी पाने वाले सौरभ कुल्हरी का जन्म से नौकरी पाने तक का सफर काफी रोचक है. सौरभ ने स्कूली पढ़ाई अपने गांव मलसीसर में ही पूरी की. परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के बाद भी माता-पापा ने दिन-रात मेहनत कर उसे पढ़ाया. खेती का काम करने वाले माता-पिता चंद्रकला देवी और राजेश कुल्हरी ने अच्छी एजुकेशन के लिए झुंझुनूं के एक स्कूल में उसका दाखिला कराया.

    सीकर में पढ़ाई के दौरान दादी रही साथ, रखा पूरा ख्याल
    सौरभ के मुताबिक जब मैं 10वीं में था, उसी वक्त बुआ की दो बेटियां सीकर में आकर आईआईटी और नीट की तैयारियां करने लगी. ऐसे में मैंने भी 10वीं परीक्षा पास करते ही सोच लिया था कि चाहे कुछ भी हो मम्मी-पापा के सपनों को पूरा करके दिखाना है. ऐसे में मम्मी-पापा ने मुझे भी आईआईटी करवाने का निश्चय किया. 10वीं पास करते ही मुझे पढ़ने के लिए सीकर में भेज दिया. मेरे साथ मेरी दादी मनकोरी देवी भी दो साल रही. उनका सपना था कि मैं माता-पिता का नाम रोशन करूं.

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    दादा की मौत पर मनोबल टूटा तो नाना साथ आए
    दादी मेरे और खुद के सारे काम समय पर पूरे करती थीं. उनकी स्फूर्ति और जोश को देखकर कभी ऐसा नहीं लगा कि वह बुजुर्ग महिला है. इस कारण मेरा पूरा ध्यान पढ़ाई पर रहा और मेरा चयन आईआईटी कानपुर में हुआ. परिवार में मुझे सबसे ज्यादा लगाव दादा सांवलराम कुल्हरी से था. करीब 3 साल पहले बीमारी के चलते उनका निधन हो गया. ऐसे में मेरी पढ़ाई पर भी काफी प्रभाव पड़ा. मैं कुछ दिनों के लिए अपने ननिहाल चला गया. जहां मेरे नाना शिवनारायण कासवान ने करीब 1 महीने तक अपने पास रखा साथ ही मेरी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया.

    अमेजन में इंटरव्यू से पहले हो गया डेंगू
    सौरभ के मुताबिस अमेजन से पहले एपीटी पोर्टफोलियो कंपनी में भी उनका इंटरव्यू और सलेक्शन हुआ था. कंपनी ने मुझे 50 लाख सालाना का ऑफर दिया था. बाद में अमेजन से कॉल आया. अमेजन में इंटरव्यू से पहले मुझे डेंगू हो गया. 8 नवंबर को मैं डेंगू पॉजिटिव आया. डॉक्टर ने मुझे फुल रेस्ट करने को कहा. करीब 20 दिन तक पूरी तरह से बेड रेस्ट किया. डेंगू संक्रमित होने के चलते प्लेटलेट्स भी 64 हजार तक पहुंच गई. 28 नवंबर की शाम अमेजन कंपनी से इंटरव्यू का मेल आया. इंटरव्यू 2 दिसंबर को होना था. इंटरव्यू दिया, 1 करोड़ का ऑफर मिला और मैंने हामी भर दी. अभी मैं आईआईटी कानपुर में पढ़ाई कर रहा हूं. अगले साल अमेजन में ज्वाइन करुंगा.

    Tags: Amazon.com Inc, Farmer, Iit kanpur, Rajasthan news in hindi, Sikar news

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