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खूब कोशिश की... लेकिन खुल ही गया वसुंधरा राजे के खिलाफ हनुमान बेनीवाल का मुंह

Imtiyaz Bhati | News18 Rajasthan
Updated: October 17, 2019, 4:39 PM IST
खूब कोशिश की... लेकिन खुल ही गया वसुंधरा राजे के खिलाफ हनुमान बेनीवाल का मुंह
आरएलपी के नेता हनुमान बेनीवाल ने वसुंधरा राजे के खिलाफ मुंह खोला

आरएलपी संयोजक हनुमान बेनीवाल ने आखिर वसुंधरा राजे के खिलाफ मुंह खोल दिया. उन्होंने कहा- मैं तो वसुंधरा राजे को साइडलाइन करके ही छोड़ूंगा.

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झुंझुनूं. उप चुनाव में गठबंधन बरकरार रहने के बाद लगता था कि आरएलपी संयोजक हनुमान बेनीवाल कम से कम पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर अपना मुंह नहीं खोलेंगे और अब आग उगली जाएगी तो केवल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ. लेकिन बेनीवाल आखिर खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने उप चुनाव के दौरान ही अपना मुंह खोला. उन्होंने एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके करीबी रहे पूर्व मंत्री युनूस खान के खिलाफ जमकर आग उगली.

कहा-मैं तो वसुंधरा राजे को साइडलाइन करके ही छोड़ूंगा

आरएलपी नेता हनुमान बेनीवाल ने झुंझुनूं में प्रेस वार्ता में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री राजे के खिलाफ आग उगली और कहा कि वे पूरी कोशिश में लगे हैं कि वसुंधरा राजे को साइड लाइन कर दें. साथ ही कहा कि यह करके ही छोड़ेंगे. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव और उप चुनाव में हुए गठबंधन में पूरे प्रदेश की जनता ने देख लिया कि वसुंधरा राजे कहां थीं? अभी भी कहां हैं? उन्होंने इस मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी पर भी निशाना साधा और कहा कि ओएसडी देवाराम सुपर सीएम हैं. कुलदीप रांका केवल नाम के हैं. राठौड़ के साथ उनकी दूरी पर भी बेनीवाल बोले, जब दारिया के परिवार ने राठौड़ से समझौता कर लिया तो उन्हें राठौड़ से क्यों लड़ना है. वहीं राठौड़ पहले वसुंधरा राजे के पैरोकार थे, इसलिए भी उनकी कम बनती थी.



मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को दी चुनौती

प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यदि वे विधानसभा चुनावों में तीसरा मोर्चा खड़ा नहीं करते तो वसुंधरा राजे के खिलाफ प्रदेश की जनता वोट कांग्रेस को दे जाती. आरएलपी समेत अन्य निर्दलीय और छोटी पार्टियोंं ने ही कांग्रेस को 99 पर रोका. इसलिए एक बहुत बड़ा काम विधानसभा में तीसरे मोर्चा ने किया. उन्होंने इस मौके पर कहा कि वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चुनौती देते हैं कि यदि वे स्वीकार करें तो या तो दोनों सीटों पर कांग्रेस हारे तो वे इस्तीफा दे दें या फिर हनुमान बेनीवाल का भाई खींवसर में हार जाए तो हनुमान बेनीवाल सांसद से इस्तीफा दे दें. उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री को सशर्त चुनौती है. साथ ही उन्होंने कहा कि खींवसर में अशोक गहलोत ने 14 मंत्री और 60 विधायकों को प्रचार में लगाया हुआ है.

हनुमान बेनीवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर निशानासाधने के बाद मुख्यमंत्री को दी चुनौती

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सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का जवाब जनता देगी: बेनीवाल

हनुमान बेनीवाल ने सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का सवाल भी उठाया. उन्होंने कहा कि अब तक खींवसर से 200 से अधिक अधिकारी और कर्मचारियों को हटाया गया है. आचार संहिता के बावजूद नागौर कलेक्टर ने दो दिन में 40 कर्मचारियों को हटा दिया. बिना कोई नोटिस और आरोपों के न केवल खींवसर, बल्कि मंडावा में भी ऐसे ही हालात हो रहे हैं. इसका जवाब जनता देगी. उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से भी चुनाव आयोग से मिलेंगे और गुरुवार को इसके लिए चिट्ठी भी लिखेंगे ताकि सरकार पर लगाम लगे. उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को बिना कोई अपराध के नोटिस दिए जा रहे हैं और पाबंद किया जा रहा है.

 

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First published: October 16, 2019, 10:32 PM IST
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