जिस संगठन के लोग बापू की हत्या में शामिल थे वे बौखला हुए हैं: तुषार गांधी

Imtiyaz Bhati | ETV Rajasthan
Updated: September 16, 2017, 1:57 PM IST
जिस संगठन के लोग बापू की हत्या में शामिल थे वे बौखला हुए हैं: तुषार गांधी
फोटो-(ईटीवी)
Imtiyaz Bhati | ETV Rajasthan
Updated: September 16, 2017, 1:57 PM IST
राष्ट्रपति महात्मा गांधी के प्रपौत्र और चर्चित पुस्तक 'लेट्स किल गांधी' के लेखक तुषार के. गांधी ने कहा है कि उनकी पुस्तक में उन्होंने बापू की हत्या का पुरा खुलासा किया है, जिस संगठन के लोग बापू की हत्या में शामिल थे वे बौखला गए हैं.

इसके अलावा उन्होंने कहा कि वर्तमान में अभिव्यक्ति की आजादी को भी छीना जा रहा है. वहीं सत्ता से कोई सवाल पूछता है, उसको ही राष्ट्र विरोधी बताया जा रहा है. यह लोकतंत्र के लिए कतई सही नहीं है. सत्ता राजशाही के तरह नहीं चलनी चाहिए सत्ता लोकतंत्र की तरह चलनी चाहिए. वर्तमान में लोकतंत्र दूर छूट गया है.

वहीं उन्होंने कहा कि बापू के बिना इस देश में सब कुछ अधूरा है. भारत स्वच्छ अभियान में भी बापू का सहारा लिया गया है. इनके पास ऐसा कोई व्यक्तित्व नहीं है.

महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने कहा है कि उन्होंने अपनी पुस्तक में बापू की हत्या का पुरा खुलासा किया है. वैसे तो बापू की जिंदगी पर बहुत कुछ लिखा गया, लेकिन उनकी हत्या के बारे में पूरी जानकारी दी गई है. इसमें एक राष्ट्रीय संगठन की भूमिका थी. इस सत्य से वो लोग बोखला गए. बापू के हत्यारों में कई दुष्प्रचार किए थे. हत्या को सही ठहराने की कोशिक भी कई गई थी. इसलिए विरोध करना शुरू कर दिया.

उन्होंने कहा कि पुस्तक में हत्या का पूरा सत्य है. बोलने व लिखने की जो आजादी है उस पर बंदिश लगाई जा रही है. लोगों में दहशत पैदा की जा रही है. सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछना राष्ट्र विरोधी गतिविधि माने जाने लगा है.

लोकतंत्र में सत्ताधारियों की जिम्मेदारी है कि वे सवालों के जवाब दें, लेकिन वो घबरा जाते हैं और बोखला जाते हैं. इसके बाद वो लोगों को कुचल रहे हैं, हत्याएं करवा रहे हैं. यह लोकतंत्र में किसी भी सूरत में सही नहीं है.

केवीआईसी खादी विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन यह चापलूसी संस्था हो गई है. अब यहां पर बापू वाली खादी नहीं बनती है. यहां पर पॉलिस्टर बेचा जा रहा है. लोग चापलूसी कर रहें हैं. डायरी या कलेण्डर पर मोदी आना नेताओं और अधिकारियों की चापलूसी ही है.

जयपुर में हुए विरासत बचाओं सम्मेलन के लिए तुषार गांधी ने कहा कि वर्तमान राजनीति को देखते हुए यह जरूरी है. सत्ता पक्ष जितना मजबूत होता है, उसकी तरह से सत्ता से बाहर बैठे लोगों को भी होना चाहिए. उन्होंने सभी पार्टियों के एक मंच पर आने की बात को बेहतर बताया है.
First published: September 16, 2017
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