खुलासा: जोधपुर में जहरीले इंजेक्शन लगाने से हुई थी 11 पाक विस्थापितों की मौत, मानसिक तनाव में था पूरा परिवार
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खुलासा: जोधपुर में जहरीले इंजेक्शन लगाने से हुई थी 11 पाक विस्थापितों की मौत, मानसिक तनाव में था पूरा परिवार
जहरीले इंजेक्शन लगाने का संदेह इसी परिवार की एक बेटी पर है.

जोधपुर के देचू थाना इलाके में रविवार को मृत पाये गये 11 लोगों की मौत जहरीले इंजेक्शन के कारण हुई थी. बताया जा रहा है मुकदमों के जंजाल में फंसे इस परिवार ने मानसिक तनाव में आकर सामूहिक आत्महत्या जैसा कदम उठाया था.

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जोधपुर. जिले के देचू थाना इलाके में रविवार को मृत पाये गये 11 पाक विस्थापितों (Pak displaced ) ने मानसिक तनाव के चलते सामूहिक आत्महत्या (Mass suicide) जैसा घातक कदम उठाया था. मौत को गले लगाने के लिये जहरीले इंजेक्शन का इस्तेमाल किया गया था. इस कार्य को अंजाम मृतक परिवार की बेटी ने दिया था. सभी को जहरीले इंजेक्शन लगाने के बाद उसने खुद के भी इंजेक्शन लगाकर आत्हत्या कर ली.

पुलिस ने इस मामले में आत्महत्या करने वाले परिवार में से जिंदा बचे एकमात्र सदस्य केवलराम की शिकायत और प्रारंभिक पड़ताल के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 306 में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इससे पहले रविवार रात को सभी मृतकों के शव जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल लाये गये. यहां उनकी कोरोना जांच करवाई गई. तीन डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड द्वारा शवों का पोस्टमार्टम किया गया. सोमवार को दोपहर में सभी की सामूहिक रूप से अंत्येष्टि कर दी गई.

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मुकदमों में उलझा हुआ था परिवार
पुलिस के अनुसार देचू थाना इलाके में स्थित लोड़ता गांव के समीप स्थित एक खेत में रविवार को एक ही परिवार के 11 पाक विस्थापितों के शव मिले थे. इस मामले में जिंदा बचे इस परिवार के एकमात्र सदस्य केवलराम ने पुलिस को लिखित में शिकायत देते हुए बताया कि उनके परिवार की एक पुत्रवधू ने परिवार पर ही कई केस हो कर रखे हैं. इनमें भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए यानी दहेज प्रताड़ना और पुत्र की कस्टडी को लेकर भी मामले दर्ज हैं. उसके बाद उनके परिवार और पुत्रवधू के परिवार के बीच दोनों तरफ से करीब एक दर्जन क्रॉस केस दर्ज हुए हैं. इन मामलों में उसका भाई जेल भी जा चुका था. मुकदमों के चलते परिवार मानसिक तनाव में था और सामूहिक आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिये उकसाने) में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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मंझली बेटी पर इंजेक्शन लगाने का संदेह
मौत के कारणों की जांच में जुटे चिकित्सकों ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि सभी 11 लोगों की मौत जहरीले इंजेक्शन से हुई है. मृतक परिवार की मंझली बेटी प्रिया पर जहरीले इंजेक्शन लगाने का संदेह व्यक्त किया जा रहा है. इसकी वजह है प्रिया पाकिस्तान से ट्रेंड नर्स थी. मौत को गले लगाने के लिए कपास की फसल में इस्तेमाल किये कीटनाशक के इंजेक्शन का इस्तेमाल किया गया। हालात के आधार पर पुलिस का अनुमान है कि प्रिया ने पहले परिवार के 10 लोगों के जहरीला इंजेक्शन लगाया. उसके बाद खुद के इंजेक्शन लगाया. इससे सभी की मौत हो गई. पुलिस इस घटना में जिंदा बचे इस परिवार के सदस्य केवलराम से मिली जानकारियों की भी पुष्टि की कवायद कर ही है. पुलिस सभी तथ्यों को जांच कर कड़ी से कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है.
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