Jodhpur News: कोरोना का कहर जारी, 20 दिन में 112 लोगों ने तोड़ा दम, सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम

 जोधपुर में मंगलवार को 20 और मरीजों की मौत हुई है.  (सांकेतिक फोटो)

जोधपुर में मंगलवार को 20 और मरीजों की मौत हुई है. (सांकेतिक फोटो)

कोरोना वायरस (Coronavirus)का कहर राजस्‍थान में भी जारी है. इस बीच जोधपुर से डराने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं. यहां अप्रैल महीने में कोरोना संक्रमण की वजह से 112 लोगों की मौत हो चुकी है, तो अधिकांश अस्‍पताल फुल (Hospital Full) हो चुके हैं.

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जोधपुर. राजस्‍थान के जोधपुर शहर में कोरोना वायरस (Coronavirus) काल बनता दिखाई दे रहा है. शहर में कोरोना संक्रमण से 20 और मरीजों की मौत हुई है. इसके साथ ही पिछले दो दिनों में 39 मरीजों ने कोरोना संक्रमण के चलते दम तोड़ दिया है. यही नहीं, हैरान करने वाली बात यह है कि अप्रैल महीने के 20 दिनों में 112 मरीजों की कोरोना संक्रमण के चलते मौत (Death) हो चुकी है.

बता दें कि जोधपुर जिले के सभी कोरोना मरीजों का इलाज जोधपुर एम्स और मेडिकल कॉलेज में हो रहा है, लेकिन मौत का सिलसिला मेडिकल कॉलेज के एमडीएम व एमजीएच अस्पताल में ज्यादा दिखाई दे रहा है. मंगलवार को जोधपुर में 20 और मौत कोरोना संक्रमण से दर्ज की गईं, जिसमें से 10 मौत सिर्फ एमजीएच अस्पताल में हुई हैं. जबकि एमडीएम अस्पताल में 8 मौत दर्ज की गईं. इसके अलावा जोधपुर एम्स अस्पताल में भी 2 मरीजों की मौत कोरोना संक्रमण के चलते हुई है.

एमजीएच को बनाया फिर कोविड अस्‍पताल

जोधपुर में जिस तेजी से कोरोना संक्रमण ने मरीजों को अपनी चपेट में लिया है, उससे शहर के अस्पताल फुल हो चुके हैं. एमडीएम अस्पताल में कोरोना संक्रमण के 400 बेड कोरोना मरीजों से भर गए, तो एम्स भी अब फुल हो चुका है. इस बीच जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल को फिर से सिर्फ कोविड अस्पताल बना दिया गया है. महात्मा गांधी अस्पताल के दूसरे सभी मरीजों को एमडीएम शिफ्ट किया जा रहा है और आज से एमजीएच में 600 बेड सिर्फ कोविड मरीजों के लिए शुरू किए जा रहे हैं.
प्रशासन ने शुरू किया ट्रिपल-ए प्लान

शहर में बढ़ते कोरोना मरीजों की संख्या के बाद प्रशासन ने ट्रिपल-ए प्लान पर काम करना शुरू कर दिया है. कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने को लेकर फिर से घर घर सर्वे शुरू कर दिया गया है. ट्रिपल-ए यानी आशा सहयोगिनी, एएनएम,आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की टीम को शहर के साथ संक्रमण वाले गावों में तैनात किया गया है, जो घर घर जाकर आईएलआई लक्षण वाले मरीजों को चिन्हित कर उनका सैम्पल करवाने का काम करेंगी, ताकि कोरोना पर काबू पाया जा सके.
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