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सेना में शहीद 1600 परिवारों से मिल चुके हैं 'जीवित भामाशाह' प्रेम सिंह बाजौर, अब उन्हें दिया ये अनूठा सम्मान

सेना में शहीद 1600 परिवारों से मिल चुके हैं 'जीवित भामाशाह' प्रेम सिंह बाजौर, अब उन्हें दिया ये अनूठा सम्मान

जोधपुर में जीवित भामाशाह प्रेम सिंह बाजौर की प्रतिमा स्थापित कर शहीद परिवार ने अनूठा सम्मान किया है.

जोधपुर में जीवित भामाशाह प्रेम सिंह बाजौर की प्रतिमा स्थापित कर शहीद परिवार ने अनूठा सम्मान किया है.

जोधपुर के शेरगढ़ कस्बे में एक शहीद परिवार ने एक पूर्व सैनिक को शहीदों जैसा सम्मान दिया है. सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्य्क्ष प्रेम सिंह बाजौर की प्रतिमा लगवाई है गई है. प्रेम सिंह बाजौर देशभर में 1 लाख किलोमीटर की यात्रा कर 1600 शहीद परिवारों से मिल चुके हैं.

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जोधपुर. देश मे नेताओं और शहीद जवानों की प्रतिमाओं की स्थापना तो होती रही है, लेकिन जोधपुर के शेरगढ़ कस्बे में एक शहीद परिवार ने पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्य्क्ष प्रेम सिंह बाजौर की प्रतिमा लगवाई है. इसका अनावरण भी पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर के हाथों करवाया गया.

दरसअल, शेरगढ़ के भूंगरा गांव में रहने वाले शाहिद हमीरसिंह के परिवार ने पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर की प्रतिमा को स्थापित किया है. पहले शहीद हमीर सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया गया. उसके बाद जीवित पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर की प्रतिमा का अनावरण किया गया. जोधपुर जिले में पिछले 5 दिन में 7 शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं. लेकिन यह पहला मामला है. जब शहीद की प्रतिमा के साथ किसी जीवित इंसान की प्रतिमा को स्थापित की गई है.

एक लाख KM की यात्रा कर चुके हैं बाजौर

अपनी प्रतिमा की बात सुनकर प्रेम सिंह बाजौर ने प्रतिमा स्थापित करने से मना कर दिया, लेकिन बाद में वीरांगना की भावुक अपील पर बाजौर ने कहा आप भले लगाओ लेकिन वो ऐसा नही चाहते. प्रेम सिंह बाजौर ने कहा कि 2017 में शहीद सम्मान यात्रा निकाली थी. जो 18 माह में लगभग एक लाख KM यात्रा कर 1600 शहीदों के परिवार से मिल चुके हैं. अब तक प्रेम सिंह बाजौर 1170 शहीदों की प्रतिमाएं और स्मारक बनवा चुके हैं.

शहीदों की सेवा को लेकर प्रतिमा लगवाई 

शहीद के परिवार ने बताया बाजौर की प्रतिमा स्थापित करने की वजह शहीद हमीर सिंह के पौत्र पर्वत सिंह ने बताई. उन्होंने कहा कि हमारी किसी सरकार ने नही सुनी, लेकिन प्रेम सिंह बाजौर ने बरसों बाद हमारे शहीद दादा जी की प्रतिमा स्थापित करवाई. उन्होंने बताया कि हमारे परिवार को इतना सम्मान कभी नही मिला. जो प्रेम सिंह बाजौर ने दिलवाया. इसलिए उन्होंने उनके सम्मान में यह प्रतिमा स्थापित की गई है.

Tags: Rajasthan News Update

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