Jodhpur News: अगले 2 महीने रहेगी पानी की मारामारी, इंतजाम करके रखिये, जानिये क्या है वजह

वर्तमान में जोधपुर में एकांतरे (एक दिन छोड़कर एक दिन) जलापूर्ति हो रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

वर्तमान में जोधपुर में एकांतरे (एक दिन छोड़कर एक दिन) जलापूर्ति हो रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

Water crisis in Jodhpur division: प्रदेश में पेयजल की सबसे बड़ी स्त्रोत इंदिरा गांधी कैनाल (Indira Gandhi Canal) में दो महीने का क्लोजर शुरू हो चुका है. इस अवधि में नहर की मरम्मत का कार्य किया जायेगा. इस दौरान पेयजल की मारामारी रहेगी.

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जोधपुर. जोधपुर संभाग में पानी की लाइफ लाइन (Life line of drinking water) मानी जाने वाली इंदिरा गांधी कैनाल (Indira Gandhi Canal) में दो महीने का क्लोजर शुरू हो चुका है. अब लिफ्ट कैनाल की मरम्मत का कार्य चलने के कारण जोधपुर संभाग (Jodhpur Division) में दो महीने तक पेयजल की सप्लाई सुचारू रखना पीएचईडी (PHED) के सामने बड़ी चुनौती होगा. जलदाय विभाग ने जनता से अपील की है कि पानी का उपयोग समझदारीपूर्वक करें ताकि किसी तरह की कोई समस्या का सामना नहीं करना पड़े.

जोधपुर संभाग में इंदिरा गांधी मुख्य नहर में मरम्मत व लाइनिंग कार्य के लिए 60 दिन का क्लोजर शुरू गया है. इस दौरान शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध करवाना जलदाय विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. इसको लेकर जलदाय विभाग बड़े स्तर पर तैयारी कर रहा है. पीएचईडी के एसई सिटी नक्षत्र सिंह और परियेाजना के एसई भंवराराम लगातार बैठकें कर रहे हैं.

तखतसागर और कायलाना को पूरी क्षमता से भरा जा रहा है

इस स्थिति से निपटने के लिए जलदाय विभाग ने मुख्य नहर में ही जोधपुर के लिए पानी को एकत्र कर रखने की योजना बनाई है. वहीं जोधपुर के प्रमुख जलाशयों तखतसागर और कायलाना को पूरी क्षमता से भरा जा रहा है. वर्तमान में जोधपुर में एकांतरे (एक दिन छोड़कर एक दिन) जलापूर्ति हो रही है. आवश्यकता हुई तो इसे बढ़ाया जा सकता है. कायलाना और तखतसागर में 335 एमसीएफटी पानी है. इसमें से करीब 150 एमसीएफटी पानी डेड स्टोरेज माना जाता है. ऐसे में यह पानी केवल 17 दिन तक ही जोधपुर में जलापूर्ति कर सकता है.
क्लोजर के समय पानी का दुरुपयोग रोकें

पीएचईडी के एसई सिटी नक्षत्र सिंह ने जनता से अपील की है कि वे क्लोजर के समय पानी का दुरुपयोग रोकें. आवश्यकता के अनुसार ही काम में लेवें. जिले के 1400 से अधिक गांवों में पानी की आपूर्ति सही रहे इसके लिए टैंकर से जलापूर्ति की भी तैयारी की गई है. वहीं इंदिरा गांधी नहर परियोजना के मुख्य अभियंता भंवराराम चौधरी का कहना है कि पानी बचाने के लिए इसकी चोरी रोकने के लिए भी काम शुरू हो गया है. पुलिस के सहयोग से अवैध कनेक्शन काटे जा रहे हैं. विभाग ने मथानिया थाने में नहर से पानी चोरी का मामला भी दर्ज करवाया है.
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