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पश्चिमी राजस्थान में 19 साल बाद अकाल का साया, जोधपुर संभाग में बारिश नहीं होने से फसलें हुईं बर्बाद

पश्चिमी राजस्थान में 19 साल बाद अकाल का साया, जोधपुर संभाग में बारिश नहीं होने से फसलें हुईं बर्बाद

सबसे ज्यादा हालात तो 2002 में खराब हुए थे. उस समय महज 32.5 एमएम ही बारिश हुई थी. इस बार अब तक महज 92.5 एमएम बारिश हुई है.

सबसे ज्यादा हालात तो 2002 में खराब हुए थे. उस समय महज 32.5 एमएम ही बारिश हुई थी. इस बार अब तक महज 92.5 एमएम बारिश हुई है.

Famine in Western Rajasthan: राजस्थान के जोधपुर संभाग में इस बार बारिश के अभाव में एक बार फिर से 19 साल बाद अकाल का साया मंडराने लगा है. किसानों के फसलें बर्बाद हो चुकी हैं. अब अगर बारिश हो भी जाये तो वह फसलों को जीवनदान नहीं दे पायेंगी.

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जोधपुर. पश्चिमी राजस्थान में अकाल का साया (shadow of famine) मंडराने लगा है. मानसून की बारिश ने इस बार जोधपुर संभाग को काफी निराश किया है. हालात इतने बिगड़ गए हैं कि किसानों की फसलें बर्बाद (Crops ruined) हो गई हैं. खेती तो बर्बाद हुई ही है इसके साथ ही इस बार जोधपुर संभाग के कई जिलों को पीने के पानी के लिये भी तरसना पड़ सकता है. 19 साल बाद जोधपुर संभाग में सूखे जैसे हालात होने लग गये हैं. इससे पहले 2002 में जोधपुर संभाग में महज 32.5 एमएम बारिश हुई थी. जबकि इस बार अब तक जोधपुर संभाग में 92.5 एमएम बारिश हुई है. 19 साल बाद एक बार फिर से जोधपुर से इंद्र देव रुठ गए हैं.

राजस्थान में वैसे तो मानसून की बारिश कई जगह आफत बनकर सामने आई लेकिन जोधपुर संभाग में हालात इतने खराब हो गए कि पूरे मानसून सीजन में एक बार नहीं 20 एमएम से ज्यादा बारिश नहीं हुई. तीन महीने की बारिश का औसत देखे तो महज कुल 30 प्रतिशत ही बारिश हुई हैं. वहीं कुल औसत बारिश का ग्राफ देखे तो अब तक 12 प्रतिशत ही वर्षा हुई है. इस महीने कुछ बारिश हो भी जाती है तो भी 40 प्रतिशत तक ही बारिश की संभावना है.

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पिछले 50 बरसों में 5 बार कम बारिश हुई
जोधपुर संभाग में पिछले 50 बरसों के मानसून आंकड़े देखे तो इस दौरान 5 बार कम बारिश हुई है. 1985 में 143 एमएम बारिश हुई थी. उसके बाद 1986 में 183.4 मिलीमीटर बारिश हुई. उसके लगते ही अगले साल यानी 1987 में भी सिर्फ 64.4 एमएम ही बारिश हुई. सबसे ज्यादा हालात तो 2002 में खराब हुए. उस समय महज 32.5 एमएम ही बारिश हुई थी. इन सब के बीच इस बार अब तक 92.5 एमएम बारिश हुई है.

किसानों का नुकसान होने तय
जोधपुर कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस बार मानसून की बेरुखी से किसानों की कमर टूट चुकी है. पश्चिमी राजस्थान में होने वाला बाजरा, मूंग, मोठ के साथ कई फसलें बर्बाद हो चुकी है. कृषि विभाग के अनुसार अब तक बारिश नहीं होने से फसलें लगभग पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं. अब कुछ बारिश हो भी जाए तो उससे किसानों को कोई लाभ नहीं होने वाला है.

Tags: Crop, Farmers, Rain, Rajasthan latest news, Weather Report

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