जोधपुर की आबोहवा बिगड़ी, 3 दिन से खतरनाक हवा में सांस ले रहें यहां के वाशिंदे

तीन दिन पहले पाकिस्तान से आंधी का गुब्बार उठा था. इसने जोधपुर तक पहुंचने के साथ ही पूरे शहर को मिट्टी से भर दिया था.

तीन दिन पहले पाकिस्तान से आंधी का गुब्बार उठा था. इसने जोधपुर तक पहुंचने के साथ ही पूरे शहर को मिट्टी से भर दिया था.

Air pollution in Jodhpur: जोधपुर में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. पाकिस्तान से उठी आंधी के कारण सनसिटी में लोग गत तीन दिनों से खतरनाक (Dangerous) हवा में सांस ले रहे हैं.

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जोधपुर. तीन दिन पहले पाकिस्तान (Pakistan) से उठी आंधी ने जोधपुर शहर (Jodhpur City) की आबोहवा खराब कर दी है. इन तीन दिनों में जोधपुर शहर की हवा में पार्टिकुलेट मेटर-10 अधिकतम रहा है. मंगलवार को दोपहर में इन कणों की मात्रा करीब 900 माइक्रोग्राम प्रति मीटर क्युबिक तक पहुंच गई. इंसान के सांस लेने में इसका स्तर 50 से 100 अच्छा माना जाता है. लेकिन जोधपुर की बिगड़ी हवा में अत्यधिक धूल (Air pollution) के कणों के कारण श्वांस के रोगियों के साथ साथ आम लोगों को भी सांस की तकलीफ शुरू हो गई.

दरसअल पार्टिकुलेट मैटर 10 का अर्थ ऐसे कणों से है जिनका आकार 10 माइक्रोमीटर हो. एक मीटर में 10 लाख माइक्रोमीटर होते हैं. पीएम-10 श्वसनीय कण होते हैं. क्योंकि ये सांस के साथ शरीर के अंदर चले जाते हैं. पीएम-2.5 का अर्थ कणों का आकार 2.5 माइक्रोमीटर व इससे कम होना है. यह पीएम-10 से भी घातक है. पार्टिकुलेट मैटर में धुंआ, कालिख, मेंटल, नाईट्रेट, सल्फेट, डस्ट वाटर और रबर के छोटे कण शामिल होते हैं. ये कई बार सांस के साथ अंदर जाकर रक्त परिसंचरण तंत्र में भी प्रवेश कर सकते हैं.

तीन दिन पहले पाकिस्तान से उठा आंधी का सैलाब जोधपुर तक पहुंचा था

तीन दिन पहले पाकिस्तान से आंधी का गुब्बार उठा था. इसने जोधपुर तक पहुंचने के साथ ही पूरे शहर को मिट्टी से भर दिया था. शहर की सड़कों पर विजिबिलिटी बहुत कम हो गई थी. 21 मार्च को पीएम-2.5 जहां 104 तक पहुंच गया था वहीं पीएम-10 तो 276 तक पहुंच गया था. यहीं नही मंगलवार को पीएम -2.5 का स्तर 399 तक पहुंच गया. उसके बाद शाम 4 बजे पीएम-10 का स्तर 887 तक पहुंच गया. यानी जोधपुर में श्वांस के रोगियों को तो परेशानी हुई ही आम इंसान को भी सांस लेने में तकलीफ होने लगी.
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