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Ganod Murder case: आनंदपाल के भाई मनजीत सिंह समेत 6 आरोपी बरी, पढ़ें पूरा केस

Ganod Murder case: आनंदपाल के भाई मनजीत सिंह समेत 6 आरोपी बरी, पढ़ें पूरा केस

जोधपुर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एडीजे न्यायालय के फैसले को रद्द कर दिया है.

जोधपुर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एडीजे न्यायालय के फैसले को रद्द कर दिया है.

Jodhpur latest news: राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने गनोड हत्याकांड (Ganod murder case) के मामले में आनंदपाल (Anandpal) के भाई मनजीत समेत छह आरोपियों को बरी कर दिया है. हाईकोर्ट ने इस मामले में पूर्व में एडीजे कोर्ट की ओर से सुनाई गये फैसले को रद्द कर दिया है. एडीजे कोर्ट ने इस केस में मनजीत समेत छह आरोपियों को 7 जून 2018 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. उसके बाद आरोपियों ने इसको लेकर जोधपुर हाईकोर्ट में अपील पेश की थी.

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जोधपुर. राजस्थान उच्च न्यायालय की मुख्यपीठ जोधपुर हाईकोर्ट ने बहुचर्चित गनोड हत्याकांड (Ganod murder case) के मामले में पेश अपील पर सुनवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर रहे आनंदपाल (Anandpal) के भाई सहित छह आरोपियों को बरी कर दिया है. वरिष्ठ न्यायाधीश संदीप मेहता और न्यायाधीश रामेश्वर व्यास की खंडपीठ में अपील करने वाले रामसिंह व अन्य ने एडीजे न्यायालय की ओर से इस हत्याकांड में 7 जून 2018 को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को चुनौती दी गई थी.

एडीजे न्यायालय सुजानगढ़ ने इस मामले में आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनवाई थी. इस केस में अपील करने वाले रामसिंह और मनजीत सिंह जेल में सजा काट रहे थे. वहीं कैलाशदान चारण, केडी चारण, छोटूसिंह, मोतीसिंह और महिपाल सिंह जमानत पर जेल से बाहर थे. चूरू के सुजानगढ़ थाना क्षेत्र में 29 जून, 2011 को आनंदपाल सिंह सहित 11 अपराधियों ने शराब के एक ठेके पर गोलीबारी की थी. इसमें राकेश की मौके पर ही मौत हो गई थी.

एडीजी कोर्ट ने इनको सुनाई थी सजा
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त रामसिंह, छोटूसिंह, महावीर सिंह, केडी चारण, प्रताप सिंह, मोंटी सिंह और आनंदपाल सिंह के भाई मनजीत सिंह को धारा 148, 149 एवं 302 के तहत मृतक राकेश की हत्या का दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी. इसके साथ ही उन पर जुर्माना भी लगाया था.

हाई कोर्ट ने 17 सितंबर 2021 को फैसला सुरक्षित रखा था
उच्च न्यायालय ने इस पूरे मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद गत गत 17 सितंबर 2021 को फैसला सुरक्षित रखा था. शुक्रवार को इस मामले में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एडीजे न्यायालय के फैसले को रद्द कर दिया है. इससे केस के आरोपियों बहुत बड़ी राहत मिल गई है.

सभी आरोपियों को पेश करने होंगे 40 हजार के बॉन्ड
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में जमानत परी जेल से बाहर रह रहे आरोपियों के जमानती मुचलके शून्य घोषित करते हुए सभी आरोपियों को 40 हजार रुपये के बॉन्ड अधीनस्थ न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए हैं. इन बॉन्ड की अवधि 6 माह रहेगी. यदि इस अवधि में अप्रार्थी पक्ष सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी पेश नहीं करता है तो यह बॉन्ड आरोपियों को पुनः प्राप्त हो जाएंगे.

Tags: Jodhpur High Court, Rajasthan latest news

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