आसाराम ने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट की खंडपीठ में पेश की अपील

आसाराम। फोटो: न्यूज18 राजस्थान
आसाराम। फोटो: न्यूज18 राजस्थान

आसाराम के सहयोगी शिल्पी व शरदचंद्र की अपील पर सोमवार को सुनवाई हुई.

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यौन उत्पीड़न केस में सजायाफ्ता कैदी आसाराम की ओर से सोमवार को आखिरकार राजस्थान हाईकोर्ट में सजा के खिलाफ अधिवक्ता निशांत बोड़ा के जरिये अपील पेश कर दी गई. वहीं दूसरी ओर आसाराम के सहयोगी शिल्पी व शरदचंद्र की अपील पर सोमवार को सुनवाई हुई. जस्टिस पीके लोहरा की पीठ में दोनों अपील सूचीबद्ध थी. जस्टिस लोहरा ने दोनों अपीलों को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट से रिकॉर्ड तलब किया है. अब रिकॉर्ड आने के बाद ही आगे की सुनवाई होगी.

आसाराम की अपील राजस्थान हाईकोर्ट खंडपीठ में पेश की गई है. 25 अप्रेल 2018 को एससी-एसटी कोर्ट के जज मधुसुदन शर्मा ने यौन उत्पीड़न के आरोप में आसाराम को आजीवन कारावास व शेष प्राकृतिक जीवन तक सजा के आदेश दिये थे. उसके खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट खंडपीठ में अपील पेश की गई है. अधिवक्ता निशांत बोड़ा ने दोपहर को 47 पृष्ठ की विस्तृत अपील पेश की है. उसमें अधीनस्थ अदालत के आदेश को चुनौती दी गई है. संभव है कि अगले एक दो दिन में अपील को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जायेगा.

आसाराम ने अपील के लिए रखा सस्पेंस
आसाराम ने अपील के लिए भी पूरा गेम प्लान सेट किया था. पहले शिल्पी फिर शरदचंद्र और अब स्वयं की अपील पेश की है. आसाराम ने खुद की अपील को लेकर भी सस्पेंस रखा था कि आखिर कौन अपील पेश करेगा. क्योंकि पहले चर्चा यह थी कि हरियाणा व गुजरात के अधिवक्ताओं की टीम अपील तैयार करवा रही है. वहीं आज चर्चा थी कि जेल अधीक्षक के जरिये अपील पेश की जानी है. लेकिन आखिर में अधिवक्ता निशांत बोड़ा के जरिये अपील पेश की गई.
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