Atmanirbhar Bharat Abhiya: जोधपुर एम्स ने बनाया डिवाइस, हेल्थ वर्कर्स को बचायेगा कोरोना के संक्रमण से

एम्स के डॉ. अमित गोयल ने बताया कि यह डिवाइस मरीज के ड्रॉपलेट के अलावा मुंह से निकलने वाले एरोसॉल व पार्टिकल को बाहर नहीं आने देता.

देश में कोरोना संक्रमण से फ्रंट लाइन पर लड़ रहे हेल्थ वर्कर्स के लिए जोधपुर एम्स ने कमाल का डिवाइस डिजाइन किया है. दावा है कि यह उन्हें कोरोना के संक्रमण से बचायेगा.

  • Share this:
जोधपुर. देश में कोरोना संक्रमण (COVID-19) से फ्रंट लाइन पर लड़ रहे हेल्थ वर्कर्स के लिए जोधपुर एम्स ने कमाल का डिवाइस (Device) डिजाइन किया है. हेल्थ वर्कर्स को कोरोना वायरस से बचाने को लेकर जोधपुर एम्स (Jodhpur AIIMS) के विशेषज्ञों की टीम ने इस डिवाइस को डिजाइन किया है. दावा किया जा रहा है कि इसके उपयोग से अब कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करते हुए कोई हेल्थ वर्कर संक्रमण की चपेट में नहीं आएगा. खास बात यह है आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत यह डिवाइस महज 18 हजार रुपये में तैयार किया गया है.

जोधपुर एम्स में की डिवाइस की लॉन्चिंग
पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमण से लाखों लोग लगातार इसकी चपेट में आ रहे हैं. कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में लगे सैकड़ों हेल्थ वर्कर्स भी इसके संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं. इन सबके बीच जोधपुर एम्स ने एक सर्जिकल कंपनी के साथ मिलकर इस डिवाइस डिजाइन किया है. एम्स का दावा है कि इसके उपयोग से कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में लगे हेल्थ वर्कर्स पर कोरोना वायरस का असर नहीं होगा. जोधपुर एम्स के ऑडिटोरियम में एम्स डायरेक्टर डॉक्टर संजीव मिश्रा और उनकी टीम के साथ इस्कॉन सर्जिकल ने इस डिवाइस को मंगलवार को लॉन्च किया है.

Rajasthan: सरकार ने निजी स्कूलों पर लगाई लगाम, खुलने तक नहीं वसूल सकेंगे फीस

Atmanirbhar Bharat Abhiya: जोधपुर एम्स ने बनाया डिवाइस, हेल्थ वर्कर्स को बचायेगा कोरोना के संक्रमण से Atmanirbhar Bharat Abhiya Rajasthan- Jodhpur AIIMS- covid-19- aerosol device- will protect health workers from Corona infection- price Rs 18 thousand
जोधपुर एम्स में डिवाइस को लॉन्च करते डॉक्टर्स.


फ्रंटलाइन में काम कर रहे कोरोना योद्धाओं का होगा बचाव
एम्स के डॉ. अमित गोयल ने बताया कि यह डिवाइस मरीज के ड्रॉपलेट के अलावा मुंह से निकलने वाले एरोसॉल व पार्टिकल को बाहर नहीं आने देता. इससे फ्रंट लाइन में काम कर रहे हेल्थ वर्कर्स को कोरोना इंफेक्शन का कोई खतरा नहीं होगा. दरसअल कोरोना संक्रमण ड्रॉपलेट और एरोसॉल से फैलता है. इसके चलते कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीजों में इंटिब्यूट करते वक्त एनेस्थीसिया या सक्शन के वक्त हेल्थ वर्कर ज्यादा रिक्स में रहते हैं. सी टू प्लास्टिक से बनी यह डिवाइस हेल्थ वर्कर्स को संक्रमित होने से बचाने का काम करेगी. इसकी कीमत करीब 18 हजार रुपए आई है.

Rajasthan: पंचायत ही नहीं 129 निकाय चुनाव पर भी छाये संकट के बादल, आयोग ने बुलाई बैठक

क्या खास है इस डिवाइस में
इस एरोसॉल डिवाइस में स्पेशल सी टू प्लास्टिक का यूज़ किया गया है. इसकी ऊंचाई और चोड़ाई करीब डेढ़-डेढ़ फीट है. यह डिवाइस मरीज के सिर, मुंह व धड़ के ऊपर रखा जाएगा. सिलिकॉन रबर के होल से डॉक्टर मरीज को आसानी से इंटिब्यूट और सक्शन के लिए नली व वेंटिलेटर आदि लगा सकेंगे. डिवाइस में मरीज को ऑक्सीजन और वेंटिलेटर लगाने के लिए जहां हाथ डालते है वहां सिलिकॉन डायग्राम लगा रखा है. ये हवा के साथ एरोसॉल को बाहर नही आने देता है. इन सब बचाव से ट्रीटमेंट करने वाले डॉक्टर को इंफेक्शन होने का कोई खतरा न के बराबर होता है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.