Assembly Banner 2021

Jodhpur News: भंवरी देवी अपहरण और मर्डर केस की होगी नियमित सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने दिये आदेश

सीबीआई का दावा है कि भंवरी देवी का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई है. बाद में शव को जला कर उसकी राख को राजीव गांधी लिफ्ट नहर में बहा दिया गया.

सीबीआई का दावा है कि भंवरी देवी का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई है. बाद में शव को जला कर उसकी राख को राजीव गांधी लिफ्ट नहर में बहा दिया गया.

Bhanwari Devi kidnapping and murder case: सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी परसराम विश्नोई की जमानत याचिका (Bail plea) पर सुनवाई के दौरान नियमित सुनवाई का आदेश दिया.

  • Share this:
जोधपुर. राजस्‍थान के बहुचर्चित भंवरी देवी अपहरण और हत्या मामले (Bhanwaridevi kidnapping and murder case) की अब नियमित सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को रोजाना सुनवाई कर 12 अप्रैल तक सभी आरोपियों के बयान पूरे कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है. इससे वर्ष 2012 से लंबित इस मामले में शीघ्र फैसला आने की उम्मीद बंधी है. बुधवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने यह आदेश आरोपी परसराम विश्नोई की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया.

परसराम विश्नोई की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संजय किशन कौल और न्यायाधीश हेमंत गुप्ता की खंडपीठ ने अहम निर्देश दिए. कोर्ट ने जोधपुर के विशेष अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण कोर्ट को रोजना सुनवाई करने का आदेश दिया.

1 सितबंर 2011 को लापता हुई थीं भंवरी
एएनएम भंवरी देवी 1 सितंबर 2011 को लापता हो गई थीं. उसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी. सीबीआई ने इस मामले में तीन अलग-अलग आरोप पत्र वर्ष 2012 में पेश किये थे. इस मामले में सीबीआई की तरफ से कुल 197 गवाह पेश किये गये थे. इन सभी के बयान पूरे हो चुके हैं. इस मामले में 17 आरोपी हैं. प्रत्येक आरोपी से कोर्ट ने 1044 प्रश्न पूछने तय किये हैं. सवालों की लंबी सूची होने के कारण अब तक सिर्फ तीन आरोपियों के ही बयान हो पाये हैं. चौथे के बयान चल रहे हैं. ऐसे में रोजाना सुनवाई होने से शेष आरोपियों के बयान शीघ्र पूरे होने की उम्मीद बंधी है.
1 सितंबर को दर्ज हुआ था केस


जोधपुर जिले के बिलाड़ा थाने में अमरचंद ने 1 सितंबर 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी एएनएम भंवरी देवी लापता हैं. इसके साथ ही उसने अपनी पत्नी के अपहरण की आशंका जताते हुए कांग्रेस की तत्कालीन राज्य सरकार के मंत्री महिपाल मदेरणा सहित दो-तीन लोगों पर शक जाहिर किया था. इसके बाद राजस्थान की राजनीति में भूचाल आ गया था.

सीबीआई को सौंपा गया था मामला
राज्य सरकार ने विरोध को ध्यान में रख मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी. सीबीआई ने 3 दिसंबर 2011 को महिपाल मदेरणा से पूछताछ की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. बाद में इस मामले में कांग्रेस विधायक मलखान सिंह विश्नोई का भी नाम आया. उन्हें भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. इसके अलावा इस मामले में 15 अन्य गिरफ्तारियां भी हुईं. इसके बाद से महिपाल और मलखान अभी तक जेल में ही हैं. सीबीआई का दावा है कि भंवरी देवी का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई. बाद में शव को जला कर उसकी राख को राजीव गांधी लिफ्ट नहर में बहा दिया गया. यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज