भंवरी देवी मामले में सीबीआई को नहीं मिली HC से राहत, जस्टिस भाटी ने रिवीजन याचिका सुनने से किया इंकार

राजस्थान हाईकोर्ट-जोधपुर
राजस्थान हाईकोर्ट-जोधपुर

ट्रायल कोर्ट के आदेश को सीबीआई की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए रिवीजन याचिका पेश की गई थी. सीबीआई की ओर से अधिवक्ता पन्ने सिंह रातडी कोर्ट में मौजूद रहे लेकिन याचिका पर सुनवाई नहीं हुई.

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बहुचर्चित एएनएम भंवरी देवी अपहरण व हत्या के मामले में सीबीआई की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में पेश रिवीजन याचिका पर जस्टिस पीएस भाटी की कोर्ट ने सुनवाई से इंकार करते हुए अन्य बैंच के समक्ष भेज दिया. जस्टिस पीएस भाटी की अदालत में बुधवार को मामला सूचीबद्ध था लेकिन उन्होंने सुनवाई से इंकार कर दिया. लगातार तीन दिन से इस केस की सुनवाई नहीं हो पा रही है. इस मामले में सबसे पहले जस्टिस मनोज गर्ग उसके बाद जस्टिस विजय विश्नोई और आज जस्टिस पीएस भाटी ने सुनवाई से इंकार किया है.

25 जनवरी 2019 को अनुसूचित जाति जनजाति अदालत द्वारा सीबीआई के प्रार्थना पत्र को निस्तारित करते हुए एफबीआई की गवाह अम्बर बी कार की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करवाने की बजाय उसे समन जारी करके बुलाने का आदेश दिया था. ट्रायल कोर्ट के आदेश को सीबीआई की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए रिवीजन याचिका पेश की गई थी. सीबीआई की ओर से अधिवक्ता पन्ने सिंह रातडी कोर्ट में मौजूद रहे लेकिन याचिका पर सुनवाई नहीं हुई.

सीबीआई की ओर से गवाह अम्बर बी कार के लिए दो बार ट्रायल कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश किया था लेकिन दोनों बार राहत नहीं मिली. ऐसे में सीबीआई ने हाईकोर्ट में रिवीजन याचिका पेश की है. रिवीजन याचिका में सीबीआई ने सभी सत्रह आरोपियों को पक्षकार बनाया है. इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोई भी जज इसको लेकर काफी सजगता बरत रहे हैं.



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