अम्बामाता पुलिस थाने में हिरासत में हुई हिंसा की जांच सीबीआई को

उदयपुर के अम्बामाता पुलिस थाने में हिरासत में हुई हिंसा के मामले की जांच सीबीआई करेगी. राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस संदीप मेहता की अदालत ने गुरुवार को इसके आदेश दिए.

Chandra Shekhar Vyas | ETV Rajasthan
Updated: February 15, 2018, 9:20 PM IST
अम्बामाता पुलिस थाने में हिरासत में हुई हिंसा की जांच सीबीआई को
फोटो-ईटीवी
Chandra Shekhar Vyas | ETV Rajasthan
Updated: February 15, 2018, 9:20 PM IST
राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस संदीप मेहता की अदालत में उदयपुर के अम्बामाता पुलिस थाने में हिरासत में हुई वायलेंस के मामले की प्रारम्भिक जांच सीबीआई को सुपुर्द करते हुए 23 अप्रैल को रिपोर्ट मांगी है. याचिकाकर्ताओं संजय तंवर व अभिमन्यू तंवर की ओर से दायर विविध अपराधिक याचिकाओं की सुनवाई में उदयपुर के रेंज आईजी आनन्द श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र गोयल, उपअधीक्षक गोपाल सिंह भाटी, आईओ दिलीप सिंह व जेवीएस देवडा पेश हुए. उप राजकीय अधिवक्ता जेपी भारद्वाज व एएजी राजेश पंवार के सहयोगी सुनील जोशी ने पुलिस अधीक्षक की ओर से रिपोर्ट पेश की. उसमें कहा गया है कि थाने में याचिकाकर्ता के साथ किसी तरह की कस्टोडियन वायलेंस नहीं की गई.

इस पर जस्टिस मेहता नाराज हो गए और रेंज आईजी आनन्द श्रीवास्तव से पूछा कि जब परिवादी आपके पास थाने में हुई मारपीट की शिकायत लेकर आया तो आपने केवल जांच करने के निर्देश ही दिए जबकि आपको मेडिकल करवाना था.

पुलिस के पास कोर्ट के किसी भी सवाल का स्पष्ट जवाब नही था इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए पूरे मामले की प्रारम्भिक जांच सीबीआई को करने के निर्देश दिए. सीबीआई के अधिवक्ता सचिन आचार्य को कोर्ट में बुलाकर निर्देश दिए गए कि इस मामले मे सीबीआई जांच कर 23 अप्रैल तक रिपोर्ट पेश करे. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवकता रमेश पुरोहित ने पैरवी की.
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