राजस्थान में भी जानलेवा हुआ कांगो फीवर, जोधपुर एम्स में 2 पीड़ितों की मौत

Lalit Singh | News18 Rajasthan
Updated: September 12, 2019, 12:15 PM IST
राजस्थान में भी जानलेवा हुआ कांगो फीवर, जोधपुर एम्स में 2 पीड़ितों की मौत
जोधपुर एम्स में भर्ती 40 साल की महिला और 18 साल के युवक की मौत कांगो फीवर से होने की पुष्टि हुई है. फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

पाकिस्तान (Pakistan) और गुजरात (Gujarat) के बाद अब राजस्थान (Rajasthan) में भी कांगो फीवर (Congo Fever) जानलेवा हो गया है. राजस्थान के मारवाड़ इलाके में भी कांगो फीवर से पीड़ित दो लोगों की मौत (Death) हो गई है. ये दोनों पीड़ित जोधपुर एम्स (Jodhpur AIIMS) में भर्ती थे.

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जोधपुर. पाकिस्तान (Pakistan) और गुजरात (Gujarat) के बाद अब राजस्थान (Rajasthan) में भी कांगो फीवर (Congo Fever) जानलेवा हो गया है. राजस्थान के मारवाड़ इलाके में भी कांगो फीवर से पीड़ित दो लोगों की मौत (Death) हो गई है. ये दोनों पीड़ित जोधपुर एम्स (Jodhpur AIIMS) में भर्ती थे. इनमें एक महिला और एक युवक शामिल है. एम्स प्रशासन ने कांगो फीवर के मरीजों के मौत के बाद राज्य सरकार (State government)और दिल्ली (Delhi) से आई टीम को सूचना दे दी है. वहीं एम्स में तैनात एक डॉक्टर और एक नर्सिंगकर्मी को भी कांगो फीवर का संदिग्ध मरीज मानकर उनके सैंपल भी पुणे भेजे गए हैं.

बोरुंदा गांव में जाकर 250 लोगों के सैम्पल लिए
जोधपुर एम्स में भर्ती 40 साल की महिला और 18 साल के युवक की मौत कांगो फीवर से होने की पुष्टि हुई है. महिला जोधपुर जिले के बोरुंदा की रहने वाली थी, जबकि युवक जैसलमेर जिले का था. कांगो फीवर की पुष्टि के बाद चिकित्सा विभाग और दिल्ली से आई एनसीडीसी की टीम ने बोरुंदा गांव में जाकर 250 लोगों के सैम्पल लिए हैं. इस बीच जोधपुर एम्स में एक डॉक्टर व एक नर्सिंगकर्मी का भी सैम्पल पुणे की लैब में जांच के लिए भेजा गया है. एम्स के अधीक्षक डॉ. अरविंद सिन्हा ने बताया कि एक डॉक्टर और एक नर्सिंग कर्मी जो कांगो फीवर मरीज के इलाज में लगे थे उनको भी फीवर की शिकायत हुई है. उसके बाद दोनों के सेम्पल लेकर उनको घर पर भेजकर वहीं पर इलाज शुरू किया गया है.

जोधपुर संभाग में अब तक कांगो फीवर के 5 मरीज सामने आ चुके हैं

जोधपुर में वर्ष 2014 में क्रिमियन-कांगो हेमोरेजिक फीवर का पहला केस सामने आया था. जोधपुर के रेजीडेंसी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में कार्यरत एक नर्सिंग स्टाफ को कांगो फीवर हुआ था और बाद में उसकी मौत हो गई थी. पशुओं के साथ रहने वालों को कांगो फीवर का खतरा अधिक होता है. पशुओं की चमड़ी से चिपके रहने वाला हिरोमल नामक एक परिजीवी इस रोग का कारण होता है. इस बार अभी तक जोधपुर संभाग में कांगो फीवर के 5 मरीज सामने आ चुके हैं.

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First published: September 12, 2019, 12:11 PM IST
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