राजस्थान सरकार ने जारी की नई पॉलिसी, पढ़ें- क्या है वादकरण नीति?

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार की ओर से प्रदेश में नई वादकरण नीति लागू किए जाने के बाद, इस नीति का अधिवक्ताओं ने खुले दिल से स्वागत किया है.

Chandra Shekhar Vyas | News18 Rajasthan
Updated: April 11, 2019, 7:12 PM IST
राजस्थान सरकार ने जारी की नई पॉलिसी, पढ़ें- क्या है वादकरण नीति?
सीएम अशोक गहलोत.
Chandra Shekhar Vyas | News18 Rajasthan
Updated: April 11, 2019, 7:12 PM IST
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार की ओर से प्रदेश में नई वादकरण नीति लागू किए जाने के बाद, इस नीति का अधिवक्ताओं ने खुले दिल से स्वागत किया है. विधि विशेषज्ञों की मानें तो सरकार द्वारा जारी की गई नई वादकरण नीति से सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे, इसके चलते निश्चित तौर पर न्यायालयों में लम्बित मुकदमों में कमी लाई जा सकेगी. वहीं सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मियों की जवाबदेहीता इस नीति के चलते बढ़ेगी. इस नीति के लागू होने के बाद अब लोगों को त्वरित न्याय मिलने की भी आशा जगी है. अदालतों के निर्णयों को चुनौती देने से बचने की बात इस नीति में रखी गई है.

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गौरतलब है कि इस नीति के जरिए निजी सेवाओं संबंधी मामले, सेवानिवृति के मामले और पेंशन संबंधी मामलों में सरकार अपील नहीं करने के प्रावधान को लेकर आई है. इससे हजारों की संख्या में पेंशनर्स और सेवानिवृत्त लोगों को इसका फायदा मिलेगा. इस नीति में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि अंतिम निर्णय के लिए सरकार अदालतों पर निर्भर नहीं रहेगी और जो वाद विभागों के माध्यम से सरकारी स्तर पर सजाए जा सकते हैं उन्हें सुलझाने के प्रयास किए जाएंगे. इसके सकारात्मक परिणाम निश्चित तौर पर सामने आएंगे.

क्या है वादकरण नीति?

वादकरणनीति से तात्पर्य उस नीति से है जिसके अंतर्गत सरकार द्वारा या सरकार के खिलाफ पेश किए गए वाद को किस तरह अदालतों में निस्तारित किए जाए या निस्तारित वाद के आदेश को अंतिम आदेश माने या उसके खिलाफ अपील की जाए. इस नीति को वादकरणनीति कहा जाता है.


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विधि विशेषज्ञों ने कहा की नई वाद करण नीति में सरकारी अधिवक्ताओं द्वारा बेवजह स्थगन लेने और आगे तारीख मांगने की प्रवृत्ति को भी खत्म कर, जिस वाद में जवाब देना है जल्द से जल्द जवाब पेश करने करके वाद के निस्तारण पर जोर दिया जाएगा. जिससे सुलभ न्याय की अवधारणा फलीभूत होगी.
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First published: April 11, 2019, 7:04 PM IST
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