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जोधपुर: प्राइवेट कंपनी के लेबल से बिक रही थी सरकारी दवा, ड्रग कंट्रोल विभाग ने किया पर्दाफाश
Jodhpur News in Hindi

Chandra Shekhar Vyas | News18 Rajasthan
Updated: February 24, 2020, 12:32 PM IST
जोधपुर: प्राइवेट कंपनी के लेबल से बिक रही थी सरकारी दवा, ड्रग कंट्रोल विभाग ने किया पर्दाफाश
सरकारी इंजेक्शन पर निजी कंपनी के लेबल लगाकर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़.

राजस्थान के जोधपुर में पशु चिकित्सा विभाग के सरकारी इंजेक्शन पर निजी कंपनी का लेबल लगाकर उसे बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है.

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जोधपुर. राजस्थान के ड्रग्स कंट्रोल विभाग (Drugs Control Rajasthan) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी दवाओं पर निजी कंपनी का लेबल लगाकर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. जोधपुर के पीपाड़ के सब्जी मंडी के पास स्थित कच्छवाह मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई करते हुए ड्रग्स कंट्रोल विभाग की टीम ने पशु चिकित्सा विभाग के सरकारी इंजेक्शन पर निजी कंपनी के लेबल लगाकर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया.

ड्रग कंट्रोल विभाग के डीसी राजाराम शर्मा के निर्देशन में इस कार्रवाई को ड्रग कंट्रोल विभाग के राकेश वर्मा ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया. फिलहाल विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी नहीं दी की कितनी बड़ी मात्रा में दवाओं को बरामद किया गया और कौन-कौन इस गोरखधंधे में लिप्त है. हालांकि, अब विभाग इस कार्रवाई के आधार पर किसी बड़े गिरोह की धरपकड़ करने की तैयारी में है, जिसमें पशु चिकित्सा विभाग के कई अधिकारियों के संलिप्त होने का भी अंदेशा जताया जा रहा है.

counterfeit drug
पशु चिकित्सा विभाग के सरकारी इंजेक्शन को मेडिकल स्टोर पर बेचा जा रहा था.


हैदराबाद स्थित सरकारी उपक्रम में बनता है यह वैक्सीन



भेड़ों में पाई जाने वाली पेस्टड्स पेटिट्स नामक बीमारी में इस्‍तेमाल की जाने वाली इस वैक्सीन को पीपीआर के नाम से जाना जाता है. वास्तविकता में रक्षा पीपीआर इसका नाम है. इस वैक्सीन को इंडियन इम्युनोलॉजिकल लिमिटेड बनाती है, जो कि भारत सरकार का उपक्रम है. इसका मुख्यालय हैदराबाद में स्थित है. यह वैक्सीन निर्माण में दुनिया की बड़ी कम्पनियों में शुमार है.

भेड़ों की बीमारी में लगता है यह वैक्सीन
कछवाहा मेडिकल में मिली दवाओं पर भारत सरकार के उपक्रम इंडियन इम्यूनोलॉजिकल के लेबल लगे थे. दरअसल, सरकारी इंजेक्शन पर इस उपक्रम के फर्जी लेबल छपवा कर बाजार में बेचा जा रहा है और ड्रग माफियाओं द्वारा चांदी कूटी जा रही है. दरअसल, भेड़ों को होने वाली काली दस्त की बीमारी में यह इंजेक्शन लगाया जाता है. भेड़ों को लगने वाले इस पीपीआर वैक्सीन इंजेक्शन का बाजार मूल्य 495 रुपए है.

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First published: February 24, 2020, 12:10 PM IST
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