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ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स: राजस्थान में रहने के लिए सबसे बेस्ट है सनसिटी जोधपुर, देशभर में मिला 21वां स्थान

इस रैंकिंग के लिये देशभर के 111 शहरों को शामिल किया गया था.

इस रैंकिंग के लिये देशभर के 111 शहरों को शामिल किया गया था.

Ease of Living Index: केन्द्र सरकार के आवास व शहरी मामलों के मंत्रालय के अनुसार राजस्थान में रहने के लिए जोधपुर (Jodhpur) सबसे बेहतरीन शहर है. इसने मंत्रालय के सभी पैमानों पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है.

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जोधपुर. राजस्थान (Rajasthan) में रहने के लिए अगर कोई सबसे अच्छा शहर है तो वह है जोधपुर (Jodhpur). यह बात हम नहीं कह रहे हैं बल्कि इसे केन्द्र सरकार के आवास व शहरी मामलों के मंत्रालय ने कहा है. केन्द्र सरकार की ओर से ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स (Ease of Living Index) में जोधपुर को 111 शहरों में 21वी रैंक मिली है. इसमें जोधपुर को प्रदेश के दूसरे सभी शहरों से सबसे बेहतर माना गया है. मंत्रालय की ओर से जारी अलग-अलग श्रेणियों में हुई मार्किंग के हिसाब से जयपुर को 23वां और कोटा को 44वां स्थान मिला है. जोधपुर का स्कोर 55.80 रहा है.

दरअसल केन्द्र सरकार इसके लिए चार श्रेणियों में रैंक जारी करती है. पहली श्रेणी है क्वालिटी ऑफ लाइफ, दूसरी आर्थिक सक्षमता तीसरी स्थिरता और चौथी सिटीजन परसेप्शन . पहली श्रेणी में जोधपुर की 41वी रैंक रही है. वह जयपुर की 23वीं रैंक से पीछे है. आर्थिक सक्षमता के मामले में जोधपुर को 32वीं रैंक मिली है. जोधपुर में आर्थिक सक्षमता के कई अवसर हैं. यहां हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल, स्टील और जोधपुरी पत्थर उद्योग के साथ एक दर्जन राष्ट्रीय संस्थान मौजूद हैं. इनके चलते आर्थिक सक्षमता में जोधपुर प्रदेश में अव्वल रहा है.

जोधपुर को बेहतरीन शहर माना गया
स्थिरता श्रेणी में भी जोधपुर अब जयपुर व कोटा से कहीं आगे है. इस श्रेणी में जोधपुर को 21वी रैंक तो जयपुर को 48वीं और कोटा को 40वीं रैंक मिली है. चौथी श्रेणी सिटीजन परसेप्शन में तो जोधपुर पूरे देश मे दूसरे नंबर पर रहा. ओवरऑल जोधपुर को देश में 21वी रैंक के साथ प्रदेश का बेहतरीन शहर माना गया है.
क्या है ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स


यह इन्डेक्स मंत्रालय ने 2018 में पहली बार जारी किया था. इस बार कोविड फेज की रैंकिंग में भी जोधपुर का प्रदर्शन अच्छा रहा है. इस रैंकिंग के लिए देशभर के 111 शहरों को शामिल किया गया था. सर्वे में शहरों की गुणवत्ता, सुरक्षा, विकास, हेल्थ और एजुकेशन सहित 14 बातें देखी जाती हैं. इसके लिए शहरों को दो केटेगरी में बांटा गया है. पहली केटेगिरी में दस लाख से ज्यादा की आबादी वाले शहर व दूसरी में दस लाख से कम आबादी वाले शहर शामिल हैं.
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